भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हो और मैदान पर गर्मी न हो, ऐसा कम ही देखने को मिलता है। लेकिन कोलंबो में खेले गए आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप के ग्रुप-ए मुकाबले में भारतीय टीम ने अलग ही अंदाज दिखाया। जवाब बल्ले और गेंद से दिया, शब्दों से नहीं।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 175/7 का स्कोर खड़ा किया और फिर पाकिस्तान को 61 रन से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली और टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 8-1 कर दिया।
मैच से पहले टीम हडल में कप्तान सूर्यकुमार यादव का एक वीडियो वायरल हुआ। उन्होंने खिलाड़ियों से साफ कहा, 'ओवर के बीच दौड़ते रहना, किसी से कुछ बोलना नहीं। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है। हम अपनी स्किल से मैच जीतेंगे।'
The Unfolding
— BCCI (@BCCI) February 16, 2026
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यह बयान अपने आप में बहुत कुछ कह गया। न आक्रामक इशारे, न स्लेजिंग, न बेवजह का शोर। सूर्या पूरे मैच में शांत दिखे, लेकिन उनके फैसलों में आत्मविश्वास झलकता रहा।
बल्लेबाजी में भले ही स्टार रहे ईशान किशन लेकिन कप्तान ने भी जिम्मेदारी निभाई। पाकिस्तान के खिलाफ जब वह क्रीज पर आए, तब भारत 88/2 पर था। सूर्या ने 29 गेंदों पर 32 रन बनाए, 3 चौके लगाए और 19वें ओवर तक टिके रहे। स्ट्राइक रेट भले बहुत तेज नहीं था लेकिन उन्होंने एक छोर संभाले रखा ताकि विकेट न गिरें।
गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या और स्पिनर ने शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तान की बल्लेबाजी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
भारतीय क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर ने भी सूर्यकुमार की कप्तानी की जमकर तारीफ की। जियोस्टार पर बातचीत में उन्होंने कहा कि सूर्या ने टीम में मैच की परिस्थिति को समझने की समझ पैदा की है। उन्होंने याद दिलाया कि अमेरिका के खिलाफ जब भारत 77/6 पर संकट में था, तब भी सूर्या ने पारी संभाली थी।
गावस्कर ने कहा कि टी20 में हर गेंद पर छक्का मारना जरूरी नहीं होता। डॉट बॉल कम करना अहम है, लेकिन लापरवाही में विकेट गंवाना नहीं। मैच की स्थिति, पिच, यहां तक कि हवा की दिशा को समझना भी जरूरी है और यही समझ सूर्यकुमार टीम में ला रहे हैं। कोलंबो में भारत ने यह साबित कर दिया कि बड़े मैच सिर्फ जोश से नहीं, होश से जीते जाते हैं। और इस बार कप्तान ने टीम को यही मंत्र दिया, बातें कम, खेल ज्यादा।










