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Jasprit bumrah: भारत भले ही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी हार गया लेकिन जसप्रीत बुमराह को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 32 विकेट लिए। बुमराह ने तीसरे दिन गेंदबाजी नहीं की। उन्होंने मैच के बाद टीम हार को लेकर काफी कुछ कहा।

ind vs aus 5th test: भारत को ऑस्ट्रेलिया ने सिडनी में खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट में 6 विकेट से हराकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 3-1 से जीत ली। ऑस्ट्रेलिया ने पूरे एक दशक बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती। मैच के तीसरे दिन चोट के कारण जसप्रीत बुमराह ने गेंदबाजी नहीं की और इसका असर भारत पर पड़ा और ऑस्ट्रेलिया ने 162 रन के टारगेट को 4 विकेट पर हासिल कर लिया। सीरीज गंवाने के बाद भी बुमराह को बड़ा सम्मान मिला और 32 विकेट लेने पर उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। 

जसप्रीत बुमराह BGT 2024-25 में सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 5 टेस्ट में कुल 32 विकेट झटके। इस दौरान उनका औसत महज 13 का रहा। इस सीरीज में बुमराह ने 3 बार पारी में 5 विकेट झटकने का कारनामा किया था और 2 बार पारी में 4-4 विकेट हासिल किए थे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में बुमराह के अलावा कोई भी गेंदबाज 25 विकेट से ऊपर हासिल नहीं कर पाया। कमिंस 25 विकेट के साथ इस सीरीज में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर रहे। 

बुमराह प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए
बुमराह इस दौरे पर ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज भी बने। उन्होंने बिशन सिंह बेदी का 47 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा। बेदी ने 1977-78 में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में 31 विकेट लिए थे। 

तीसरे दिन गेंदबाजी न कर पाना निराशाजनक:बुमराह
मैच के बाद बुमराह ने अपनी चोट और हार पर खुलकर बात की। बुमराह ने कहा, 'चोट थोड़ी निराशाजनक रही लेकिन कभी-कभी आपको अपने शरीर का सम्मान करना होता है, और आप अपने शरीर से नहीं लड़ सकते। कभी-कभी आपको स्वीकार करना पड़ता है। सीरीज के सबसे मसालेदार विकेट पर गेंदबाजी करना अच्छा लगता। पहली पारी के बाद मुझे पीठ में थोड़ी जकड़न महसूस हो रही थी।'

'हमने सीरीज में अच्छी लड़ाई लड़ी'
बुमराह ने तीसरे दिन टीम की रणनीति को लेकर बताया, टीम मीटिंग में बस यही बात हुई कि खुद पर यकीन रखो और आगे बढ़ो। बुमराह ने कहा कि अन्य गेंदबाजों ने भी पहली पारी में अच्छा प्रदर्शन किया। बहुत सारे अगर और मगर थे लेकिन गेंदबाजों ने पूरी कोशिश की। पूरी श्रृंखला अच्छी तरह से लड़ी गई थी। आज भी हम वहां थे। यह एक अच्छी तरह से लड़ी गई सीरीज रही। युवा खिलाड़ियों को इस सीरीज से काफी सीखने को मिलेगा। बहुत सारे युवा खिलाड़ी आए हैं, और सीख हमें भविष्य में मदद करेगी। उन्होंने बहुत अनुभव हासिल किया है और वे मजबूती से आगे बढ़ेंगे। यह सब अनुकूलन और सीखने के बारे में है। हम सीख को आगे ले जाना चाहेंगे।

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