Gautam gambhir sanju samson: गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन को टीम में लाने का मकसद टॉप ऑर्डर में ज्यादा आक्रामकता लाना था। गंभीर के मुताबिक सैमसन पहले छह ओवर में ही मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि फैसला लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन या किसी खास गेंदबाज की रणनीति से जुड़ा नहीं था।

Gautam gambhir sanju samson: वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में जब टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में संजू सैमसन की वापसी हुई तो क्रिकेट जगत में फिर वही पुरानी बहस शुरू हो गई कि टीम कॉम्बिनेशन क्या होगा? टॉप ऑर्डर में बदलाव क्यों किया गया? और क्या यह फैसला किसी खास गेंदबाज के खिलाफ रणनीति के तौर पर लिया गया। लेकिन टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने टी20 विश्व कप जीतने के बाद साफ कर दिया कि सैमसन की वापसी किसी खास मैच-अप या रणनीतिक प्रयोग की वजह से नहीं थी। उनके मुताबिक यह फैसला बेहद सीधा था कि टीम के टॉप ऑर्डर में और ज्यादा आक्रामकता जोड़ना।

स्टार स्पोर्ट्स के साथ बातचीत में गंभीर ने कहा कि सैमसन को टीम में लाने का मकसद किसी ऑफ-स्पिनर से निपटना नहीं था। असली सवाल यह था कि क्या टीम पावरप्ले के पहले छह ओवरों में और ज्यादा हमला कर सकती है।

संजू को आक्रामकता के कारण लाया गया: गंभीर
गंभीर ने कहा, 'संजू को टीम में लाने की वजह यह नहीं थी कि सामने वाले छोर से ऑफ-स्पिनर आ रहा। हमारा मकसद यह था कि टॉप ऑर्डर में और ज्यादा फायर पावर आए और पहले 6 ओवर में टीम ज्यादा आक्रामक खेल सके। हम जानते हैं कि संजू क्या कर सकता है।'

'सैमसन पावरप्ले में मैच खत्म कर सकते'
दरअसल गंभीर का मानना है कि सैमसन जैसे खिलाड़ी अगर शुरुआत में लय पकड़ लें तो मैच का रुख तुरंत बदल सकते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सैमसन में ऐसी क्षमता है कि वह अकेले ही पावरप्ले में मैच जीतने की दिशा तय कर सकते हैं।

गंभीर ने आगे कहा, 'उसकी प्रतिभा या उसकी विस्फोटक बल्लेबाजी पर कभी कोई शक नहीं रहा। अगर वह सेट हो जाए तो पहले छह ओवर में ही मैच जिता सकता है। सोचिए अगर टॉप तीन में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन हों और उसके बाद सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी हों तो इससे ज्यादा मजबूत बैटिंग लाइन अप की उम्मीद नहीं की जा सकती है।'

लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन के कारण नहीं लौटे संजू
गंभीर ने इस बहस को भी खारिज कर दिया कि टीम मैनेजमेंट टॉप ऑर्डर में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन को लेकर ज्यादा सोच रहा है। उनका मानना है कि एक अच्छा बल्लेबाज किसी भी तरह की गेंदबाजी के खिलाफ रन बना सकता है।

उन्होंने कहा, 'बहुत लोग कहेंगे कि तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के बीच संतुलन बनाने के लिए बदलाव किया गया, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। मेरा मानना है कि एक क्वालिटी बल्लेबाज किसी भी गेंदबाज चाहें ऑफ-स्पिनर हो या लेफ्ट-आर्म स्पिनर, के खिलाफ अच्छा खेल सकता है।'

संजू सैमसन को खेलने की जानकारी भी गंभीर ने बेहद सामान्य तरीके से दी। उन्होंने बताया कि यह बातचीत किसी औपचारिक टीम मीटिंग में नहीं बल्कि जिम में हुई थी। गंभीर ने कहा, 'हम दोनों जिम में ट्रेनिंग कर रहे थे। मैंने बस उसे बताया कि तुम कल खेलोगे। उसने मुस्कुराकर कहा कि ठीक है, आने दो। हमारी बातचीत इतनी ही साधारण थी।'

गंभीर के मुताबिक टीम इंडिया ने जानबूझकर माहौल को हल्का और अनौपचारिक रखा है ताकि खिलाड़ी दबाव के बजाय खुलकर खेल सकें। सैमसन की वापसी भी इसी सोच का हिस्सा थी-ज्यादा फायरपावर और बिना झिझक आक्रामक क्रिकेट।