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दो राज्य, पांच चुनाव, केवल भभुआ ने बचाई ''भगवा'' की लाज

उत्तर प्रदेश की दो फूलपुर, गोरखपुर लोकसभा और बिहार की एक अररिया लोकसभा के अलावा जहानाबाद और भभुआ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों में से भाजपा ने महज एक भभुआ विधानसभा सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है।

दो राज्य, पांच चुनाव, केवल भभुआ ने बचाई
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उत्तर प्रदेश की दो फूलपुर, गोरखपुर लोकसभा और बिहार की एक अररिया लोकसभा के अलावा जहानाबाद और भभुआ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों में से भाजपा ने महज एक भभुआ विधानसभा सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है।

तीन लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर उसे हार का मुंह देखना पड़ा है। भभुआ विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा ने दिवंगत आनंद भूषण की पत्नी रिंकी रानी पांडेय को मैदान में उतारा था, वहीं कांग्रेस ने शम्भू सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया था।

रिंकी पांडेय को 64335 वोट मिले, तो वहीं कांग्रेस को 49548 वोट। रिंकी पांडेय ने कांग्रेस के शम्भू पटेल को 14787 मतों के अंतर से करारी मात दी। बिहार की एक लोकसभा और दो विधानसभा में से भाजपा महज एक सीट ही सीट जीत सकी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले साल महागठबंधन तोड़ कर भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए में शामिल होने के बाद प्रदेश में पहली बार चुनाव हुए हैं। नीतीश के साथ आने के बाद भाजपा को अररिया लोकसभा सीट में करारी हार का मुंह देखना पड़ा है।

वहीं जेडीयू ने जहानाबाद विधानसभा सीट पर अपना प्रत्याशी उतारा था, लेकिन जीत नहीं सके। नीतीश कुमार की पूरी कैबिनेट ने बिहार के उपचुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। इसके बावजूद उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है. ऐसे में भाजपा की लाज भभुआ विधानसभा क्षेत्र में ही बच सकी है।

तेजस्वी बोले- ये लालू की जीत

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, जो लोग कहते हैं कि लालू जी खत्म हो गए हैं। आज हम उनको कह सकते हैं कि लालू यादव एक विचारधारा का नाम है। बिहार की जनता और जीतन राम मांझी जी को इस जीत के लिए धन्यवाद देता हूं।

जीतन राम मांझी ने कहा, भाजपा को अपने चेहरों की बजाय लोगों के बीच आकर काम करना चाहिए। उनके पास खुद को साबित करने का सिर्फ यही एक रास्ता है, वरना 2019 के लोकसभा चुनाव में भी यही नतीजा देखना होगा।

सहयोगी दलों को धन्यवाद

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के नतीजों को केन्द्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों के खिलाफ जनादेश करार देते हुए इसके लिये बसपा और राष्ट्रीय लोकदल समेत तमाम सहयोगी दलों को धन्यवाद दिया।

अखिलेश ने यहां संवाददाताओं से कहा कि वह सबसे पहले बसपा नेता मायावती का बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने देश की महत्वपूर्ण लड़ाई में सपा का सहयोग और समर्थन किया। साथ ही राष्ट्रीय लोकदल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, निषाद पार्टी, पीस पार्टी और वामदलों का भी धन्यवाद दिया।

भाजपा के प्रति बहुत क्रोध

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश और बिहार में लोकसभा एवं विधानसभा उपचुनावों के नतीजों के बारे में आज कहा कि मतदाताओं में भाजपा के प्रति बहुत क्रोध है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एवं फूलपुर संसदीय क्षेत्र तथा बिहार के अररिया संसदीय क्षेत्र एवं भभुभा एवं जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में आज मतगणना हुई।

मत रूझानों के अनुसार भभुआ सीट को छोड़कर अन्य सभी सीटों पर गैर भाजपाई प्रत्याशियों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘‘आज के उपचुनावों में जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई।'

उन्होंने कहा, ‘‘नतीजों से स्पष्ट है कि मतदाताओं में भाजपा के प्रति बहुत क्रोध है और वो उस गैर भाजपाई उम्मीदवार के लिए वोट करेंगे जिसके जीतने की संभावना सबसे ज़्यादा हो। राहुल ने यह भी कहा, ‘‘कांग्रेस यूपी में नवनिर्माण के लिए तत्पर है, ये रातों रात नहीं होगा।'

यूपी में बुआ-भतीजे ने बिगाड़ा भाजपा का खेल

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा है। 5 बार लगातार सांसद रह चुके सीएम योगी आदित्यनाथ की सीट गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार प्रवीण निषाद जीत गए हैं। इस सीट पर भाजपा को 28 साल बाद हार झेलनी पड़ी है।

1991 से ही यह सीट भाजपा के खाते में थी। उपमु्ख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की सीट रही फूलपुर भी बीजेपी बड़े अंतर से हार गई है। बीएसपी ने दोनों सीटों पर अपने कैंडिडेट नहीं उतारे थे और एसपी उम्मीदवारों को अपना समर्थन दिया था।

सीएम योगी आदित्यनाथ के कामकाज पर रेफरेंडम माने जा रहे इस चुनाव में झटके ने भाजपा सरकार पर भी सवाल खड़े किए हैं। 2014 के आम चुनाव से तुलना करें तो बीजेपी के लिए यह बड़ी हार है। इसकी वजह यह है कि 2014 में दोनों ही सीटों पर एसपी और बीएसपी मिलकर भी वोटों के मामले में भाजपा से खासा पीछे थे।

उस अंतर को खत्म करना और फिर बड़ी जीत हासिल करना, दोनों के बीच 2019 में गठबंधन की संभावनाओं को मजबूत करेगा। गौरतलब है कि कांग्रेस ने एसपी और बीएसपी के साथ गठबंधन नहीं किया था, ऐसे में यदि 2019 में वह भी महागठबंधन का हिस्सा बनती है तो बीजेपी को विपक्ष कड़ी टक्कर देने की स्थिति में होगा।

वोट बदलने में सफल रहे

खुद एसपी भी मान रही है कि बीएसपी ने कामयाबी के साथ एसपी को अपने वोट ट्रांसफर कराए हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी भाजपा के पिछड़ने के लिए बीएसपी के वोटों का एसपी को ट्रांसफर होने को जिम्मेदार बताया है।

केशव प्रसाद ने कहा, आखिरी नतीजे के बाद हम विश्लेषण करेंगे और हम ऐसी परिस्थितियों के लिए भी तैयारी करेंगे, जबकि एसपी-बीएसपी और कांग्रेस साथ मिलकर लड़ सकते हैं।

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