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हर्षवर्धन पांडे का लेख : सफल कप्तान माही

भारतीय क्रिकेट टीम के सफल कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उनके संन्यास के बारे मे लंबे समय से ही अटकलें लगाई जा रही थी।

हर्षवर्धन पांडे का लेख :  सफल कप्तान माही
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भारतीय क्रिकेट टीम के सफल कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (International cricket) को अलविदा कह दिया है। उनके संन्यास के बारे मे लंबे समय से ही अटकलें लगाई जा रही थी। धोनी ने बीते बरस ही अपना आखिरी मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा था।

इस मैच में उन्होंने अर्धशतक मारा, लेकिन रन आउट हो गए। इसके बाद से धोनी टीम में अपनी जगह बना पाने में कामयाब नहीं हो पाए। राहुल द्रविड़ के कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी के सिर जब कप्तानी का ताज बंधा तो किसी को ये उम्मीद नहीं थी, टीम इंडिया दुनिया में बहुत शक्तिशाली टीम बनेगी।

2007 में युवाओं से सजी धोनी की टीम इंडिया ने जब टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था तो क्रिकेट के करोड़ों भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद थी कि आने वाले दिनों में टीम इंडिया जीत की गौरव गाथा इतिहास के पन्नो में लिखेगी।

प्रशंसकों को धोनी और उनकी टीम ने निराश नहीं किया। टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद धोनी (Dhoni) की अगुवाई में 2011 में भारत की सरजमीं पर वन डे विश्व कप अपने नाम कर 1983 के विश्व कप की यादों को ताजा कर दिया।

2010 का एशिया कप भी भारत ने धोनी की कप्तानी मे ही जीता। धोनी टीम इंडिया के अब तक के सबसे सफल कप्तान रहे। उनकी अगुवाई मे टीम इंडिया की जीत का ग्राफ आसमान पर गया और युवा खिलाड़ियों को भी भरपूर मौके मिले।

चेतेश्वर पुजारा, शिखर धवन, आश्विन, रविन्द्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, अश्विन, रोहित शर्मा, विराट कोहली जैसे कई खिलाड़ी धोनी की कप्तानी में ही मिले। पिछले कुछ समय से टीम इंडिया में धोनी को लेकर सवाल उठने लगे थे। यकीन जान लें अगर आप अच्छा करते हैं तो सभी आपकी कमियां छिप जाती हैं। पिछले कुछ समय से वह घरेलू पिचों पर बेअसर साबित हो रहे थे।

वैसे तो 2012 धोनी के लिए सबसे अपशकुनी रहा। बीते दौर में जहां कई सीनियर खिलाडि़यों ने क्रिकेट को अलविदा कहा, वहीं चार महत्वपूर्ण सीरीज टीम इंडिया ने गंवाई। पाकिस्तान के साथ सीरीज में हार से पहले इंग्लैंड के हाथों हम बुरी तरह पिट चुके थे तो टी-20 वर्ल्ड कप में करारी हार से लेकर एशिया कप और सीबी सीरीज में हर जगह धोनी की इस टीम की भद ही पिटी, जबकि 2011 में पहले विश्व चैम्पियन हम बने थे।

2016 के एशिया कप को फिर से एक बार जीतकर धोनी ने अपनी कप्तानी मे चार चांद लगाए। यही नहीं धोनी अब तक के भारत के सबसे सफलतम विकेट कीपर बल्लेबाज भी रहे हैं। टेस्ट मैचों मे 294, वन डे में 434, टी-20 में 87 खिलाड़ियों को उन्होंने विकेट के पीछे निशाना बनाया। आस्ट्रेलिया जैसी दुनिया की शक्तिशाली टीम को 2016 में धोनी ने उसी के घर तीन टी-20 सीरीज मे पराजित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।

धोनी का ट्रैक रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा है। उन्होंने भारत के लिए 350 एक दिवसीय मैच, 90 टेस्ट और 98 टी-20 मैच खेले। एकदिवसीय मुकाबले में खुद को एक बेहतर खिलाड़ी के तौर पर हमेशा साबित किया। अपनी कप्तानी में 332 में से 178 एकदिवसीय, टेस्ट और टी-20 मुकाबले भारत को जिताए। धोनी ने 200 एकदिवसीय मैचों मे से 110 और 60 टेस्ट मैचों मे से 27 टेस्टों में जीत का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया है।

72 टी-20 में से 41 में जीत का रिकॉर्ड भी धोनी के नाम दर्ज है। मिस्टर कूल कप्तान कहे जाने वाले धोनी का हेलीकाप्टर शाट सबसे मशहूर रहा है। बतौर कप्तान उन्होंने अब तक 211 छक्कों का कीर्तिमान अपने नाम किया है।

मध्यम क्रम मे बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 10773 रन पचास की औसत से बनाए। टेस्ट क्रिकेट में भी उनका औसत 38 के आस पास रहा और 4876 रन बनाए और भारत को 27 टेस्टों मे भी विजय दिलाई। धोनी ने पाक के खिलाफ वन डे और टेस्ट मे अपना पहला शतक 2006 में जमाया। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सबसे अधिक रन बनाए।

धोनी को टीम इंडिया का बेहतरीन फिनिशर भी कहा जाता है। छह से सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने जब भी वो आए अगर अंत तक विकेट पर टिक गए तो मैच में जीत मिलना तय था। 30 दिसंबर 2014 मे धोनी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा और 15 अगस्त 2020 में महेंद्र सिंह धोनी की एकदिवसीय पारी का अंत हो गया।

अब धोनी की नजरें फिलहाल आने वाले दिनों में होने वाले आईपीएल मुकाबले पर लगी हुई हैं जहां वह चेन्नई सुपर किंग को एक बार फिर विजेता बनाना चाहेंगे और फिर शायद इसके बाद उनकी टी-20 पारी का अंत होगा, ऐसे कयास फिर लगाए जा रहे हैं।

बहरहाल, महेंद्र सिंह धोनी ने वन डे क्रिकेट से एकाएक संन्यास के बाद अपने चहेते प्रशंसकों को निराश कर दिया है। टेस्ट की तरह वन डे से भी अचानक लिए गए संन्यास पर सस्पेन्स अब भी बना रहा है। आगे भी शायद यह बना रहे क्योंकि मैदान से अन्दर और बाहर जिस शानदार टाइमिंग से खेलकर धोनी अपने हेलीकाप्टर शॉट से कई लोगों को आईना दिखाते थे वैसी टाइमिंग उनके एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेते समय देखने को नहीं मिली ।

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