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रेल बजट: सुविधाओं व राहत के साथ रेलवे में रिफॉर्म का विजन

वित्त्त वर्ष 2016-17 के लिए रेल बजट पेश कर दिया गया है। जानिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इस बार क्या कहा।

रेल बजट: सुविधाओं व राहत के साथ रेलवे में रिफॉर्म का विजन
नई दिल्ली. वित्त्त वर्ष 2016-17 के लिए रेल बजट पेश कर दिया गया है। इसमें भारत की लाइफ लाइन मानी जाने वाली रेल को बेहतर बनाने के लिए सुविधाएं, स्पीड, हाईटेक और इन्फ्रास्ट्रक्चर का बूस्टर पैकेज है। इसके साथ ही यात्री किराया और मालभाड़ा में किसी प्रकार की बढ़ोत्तरी नहीं कर लोगों को राहत दी गई है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु का यह बजट कई मायनों में पिछले रेल बजटों से अलग है।
प्रभु नई ट्रेनों की लोकलुभावन घोषणाओं से बचे हैं। नई ट्रेनों की पिछली घोषणाएं ही इतनी है कि वे अभी तक पूरी नहीं का जा सकी हैं। ऐसे में यह कदम ठीक है। सुविधाओं की बात करें तो सभी वगरें को ध्यान में रखते हुए चार र्शेणी में नई ट्रेनों का ऐलान किया गया है। इनमें अनारक्षित ट्रेन अंत्योदय, नव मध्यवर्ग के लिए थर्ड एसी ट्रेन हमसफर और राजधानी-शताब्दी की तर्ज पर डबल डेकर ट्रेन उदय और फुल एसी ट्रेन तेजस शामिल हैं।
तेजस हाई स्पीड ट्रेन होगी जिसकी रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा होगी। धार्मिक स्थलों के लिए आस्था सर्किट पर ट्रेनें चलाई जाएंगी। अहमदाबाद से मुंबई तक हाईस्पीड ट्रेन चलेगी। हालांकि यह कब शुरू होगी और किन-किन रूटों पर होगी, इस बारे में रेल बजट में कुछ नहीं कहा गया है। 139 नंबर टिकट कैंसिलेशन, महिलाओं के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन नंबर 182 व हर र्शेणी के कोच में 33 फीसदी रिर्जव सीटें, बुजुगरें के लिए निचली सीट के कोटे में 50 फीसदी वृद्धि, खान-पान, स्वच्छ बिस्तर, बच्चों के लिए दूध, बायो टायलेट, स्टेशनों पर मिल्क फूड, वैकल्पिक यात्री बीमा, 2500 वाटर वेंडिंग मशीन देने जैसी सुविधाओं की घोषणा की गई है। रेल ट्रैक को बदल कर सभी प्रकार की ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जाएगी।
मालगाड़ियों की स्पीड भी बढ़ाकर 50 किमी प्रति घंटा की जाएगी। सभी पदों के लिए ऑनलाइन भर्ती, बार कोड वाले टिकट, टिकट बुक या कैंसिल के लिए दो एप, ई-बुकिंग, 400 स्टेशनों पर फ्री वाईफाई, 100 स्टेशनों पर गूगल द्वारा वाईफाई, हर कोच में जीपीएस सिस्टम, जनरल बोगी में भी मोबाइल चाजिर्ंग, सभी बड़े स्टेशनों पर सीसीटीवी, एसएमएस से सफाई की मांग व एटीएम से टिकट बुक की योजना जैसी हाईटेक घाषणाएं की गई हैं।
रेलमंत्री ने रेलवे की माली हालत व इन्फ्रस्टक्चर सुधारने के लिए भविष्य के एक्शन प्लान का रोडमैप रखा है। जिसमें वित्त वर्ष 2016-17 में 1.21 लाख करोड़ रुपये निवेश, चालू वित्त वर्ष में 40 नई परियोजनाओं का शुरू होना, पांच साल में रेलवे प्रोजेक्ट पर 8.5 लाख करोड़ रुपये खर्च, एलआईसी द्वारा 1.5 लाख करोड़ रुपये रेलवे में निवेश, रेलवे बोर्ड का पुनर्गठन, 2020 तक ट्रेनों में जब चाहें तब कन्फर्म टिकट व 95 फीसदी ट्रेनों का समय परिचालन, रेलवे की अपनी यूनिवर्सिटी, नॉर्थ-साउथ, ईस्ट-वेस्ट और ईस्ट कोस्टल माल ढुलाई कोरिडोर आदि शामिल हैं।
इस बजट में पीपीपी मॉडल और निजी निवेश का खाका भी है। कुलियों को 'सहायक' का नाम देकर बड़ा सामाजिक संदेश दिया गया है। इस रेल बजट में घोषणाओं को पूरा करने के लिए समय सीमा तय नहीं होने से यह विजन डॉक्यूमेंट लगता है। हालांकि रेल मंत्री ने इसे ग्रोथ व रोजगार पैदा करने वाला बजट बताया है। इस वक्त रेलवे में सुधार लाने की बड़ी चुनौती है। सातवें वेतन आयोग के लागू होने से रेलवे पर वित्तीय बोझ पड़ेगा, तो घोषणाओं को अमल में लाने के लिए भी पूंजी की जरूरत होगी। सुरक्षा व संरक्षा भी जरूरी है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि रेलवे की कितनी कायापलट होती है।
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