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Exclusive Interview: प्रकाश जावड़ेकर ने बताई मोदी सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर क्या है प्लानिंग

समग्र शिक्षा अभियान का बृहस्पतिवार को उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इसके जरिए केंद्र सरकार प्री-प्राइमरी से लेकर बारहवीं कक्षा तक एक जैसी व्यवस्था के जरिए बच्चों को शिक्षा देने की योजना बना रही है।

Exclusive Interview: प्रकाश जावड़ेकर ने बताई मोदी सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर क्या है प्लानिंग

समग्र शिक्षा अभियान का बृहस्पतिवार को उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इसके जरिए केंद्र सरकार प्री-प्राइमरी से लेकर बारहवीं कक्षा तक एक जैसी व्यवस्था के जरिए बच्चों को शिक्षा देने की योजना बना रही है। क्योंकि हमारा मानना है कि शिक्षा को टुकड़ों में बांटकर न तो दिया जा सकता है और न ही ऐसे ग्रहण किया जा सकता है।

इस योजना में हमने स्कूली शिक्षा की तीन योजनाओं (टीचर एजुकेशन, आरएमएसए, एसएसए) को मिलाकर एक कर दिया है। इससे हर साल स्कूली शिक्षा के बजट में 20 फीसदी का इजाफा होगा। अभी यह 24 हजार करोड़ रुपए है।

2018-19 में 34 हजार और 2019-20 में 41 हजार करोड़ रुपए हो जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों को दीक्षा पोर्टल के जरिए अपने अनुभव यानि कक्षा में पढ़ाया गया अच्छा पाठ अपलोड कर एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा करने में मदद मिलेगी।

योजना से होने वाले फायदे

उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान से पिछड़े जिलों को बेहतर करने की भी व्यवस्था मंत्रालय के द्वारा की जाएगी। इसके लिए वहां ज्यादा से ज्यादा स्कूल, कॉलेज खोले जाएंगे। सभी राज्य इसे अच्छी तरह से चलाएंगे।

शिक्षा वर्ष 2019 का या राजनीति का विषय नहीं है। बल्कि यह भावी पीढ़ियों का विषय है। सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा के लिए ही हम काम करेंगे। योजना का लोगो 26 तारीख को हम लांच करेंगे। इसमें जो भी चित्र हमारे पास आएंगे।

खेलकूद के लिए उपकरण

उनमें से एक को योजना के लिए तय कर उसे अंतिम रुप दे दिया जाएगा। एक मिलियन स्कूलों को 5 हजार रुपए से 20 हजार रुपए तक की लाइब्रेरी ग्रांट मिलेगी। समग्र शिक्षा के तहत हर स्कूल को खेलकूद के लिए उपकरण दिए जाएंगे। इसमें प्राइमरी के लिए 5 हजार, अपर प्राइमरी के लिए 10 हजार और एसएससी-एचएससी स्कूलों के लिए 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। केजीबीवी का विस्तार होगा।

शिक्षकों की गुणवत्ता में होगा सुधार

कार्यक्रम में मौजूद एचआरडी मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इस अभियान के जरिए स्कूली शिक्षा विभाग की कुछ योजनाओं को एक साथ मिलाकर एक योजना बनायी गई है। इसका अर्थ यह है कि बच्चों को सभी तरह की शिक्षा दी जाए।

इसके अलावा इसमें विशेष ध्यान गुणवत्ता पर केंद्रित किया गया है। शिक्षक की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विशेष फोकस है। मंत्रालय शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए उन्हें प्री-सर्विस ट्रेनिंग दे रहा है। अब मार्च 2019 से कहीं भी गैर-प्रशिक्षित शिक्षक नहीं होंगे।

सरकारी स्कीम

कई राज्यों में शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हुए हैं। राज्यों से अपील है कि इन पदों को भरें। कुछ ऐसे शिक्षक भी हैं, जो कुछ भी कर लीजिए सुधर नहीं सकते। राज्य इस विषय पर भी ध्यान दें। साथ ही राज्यों के लिए भी स्कीम में कुछ चीजें छोड़ी गई है।

वह खुद भी प्राथमिक्ता तय कर सकते हैं। फंड आवंटन के लिए लर्निंग आउटकम को राज्य बेस बना सकते हैं। कार्यक्रम में एचआरडी मंत्रालय से विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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