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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक के जहर से सतर्क रहना जरूरी

पाक अभी भी कश्मीरी नागरिकों को निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहा है।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक के जहर से सतर्क रहना जरूरी
पाकिस्तान का लगातार सीजफायर तोड़ना उसकी बौखलाहट को ही दर्शाता है। सजिर्कल स्ट्राइक के बाद वह करीब 56 बार सीजफायर का उल्लंघन कर चुका है। एक सप्ताह के दौरान पाक रेंजरों ने भारतीय सीमा में ताबड़तोड़ गोलीबारी की है। पाक रेंजरों ने एसओसी की तंगधार, मेंढर, आरएस पुरा, अरनिया, अखनूर और सांबा में 24 भारतीय चौकियों को निशाना बनाया है।
पिछले 24 घंटे में ही उसने सात बार संघर्ष विराम को तोड़ा है। पाक की कायरता का आलम यह है कि वह कश्मीर में नागरिकों को भी निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहा है। पिछले पांच दिनों में 30 से ज्यादा आम भरतीय नागरिक घायल हो चुके हैं। नागरिकों की संपत्तियों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। इससे लग रहा है कि पाक हताश है।
पाक की ओर हो रही फायरिंग में बीएसएफ के दो जवान शहीद हुए हैं और पांच जवान घायल हुए हैं। भारत ने सीजफायर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दिया है। बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में पाक के 15 रेंजर मारे गए हैं। हमारे जवानों ने पाक सीमा में स्थित शकरगड़, नारोवाल और चपरार में पाक रेंजरों के कई बंकरों को तबाह किया है।
उरी अटैक के बाद जबसे भारत ने पीओके में सजिर्कल स्ट्राइक किया है और पाक को आतंकवाद पर विश्व में अलग-थलग किया है, तब से पाकिस्तान ने कश्मीर सीमा में एलओसी पर प्रॉक्सी वार छेड़ रखा है। बार-बार वह सीजफायर तोड़ रहा है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ठीक ही कहा है कि पाक में अगर दम है तो वह पॉक्सी वार छोड़ कर आमने-सामने लड़ाई लड़े। प्रॉक्सी वार कमजोरों का काम है।
भारत का सतर्क रहना इसलिए जरूरी है क्योंकि मीडिया रिपोटरें के मुताबिक एलओसी के बहुत नजदीक पाकिस्तानी आर्मी का जमावड़ा है। यह हो सकता है कि पाक सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने की तैयारी कर रहा हो। चूंकि आगामी 29 नवंबर को पाक आर्मी चीफ जनरल राहिल शरीफ रिटायर होने से जा रहे हैं।
इसलिए वे अपने रिटायरमेंट से पहले अपनी साख बचाने के लिए भारत के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने का मंसूबा देख रहे हों। वैसे दीपावली पर पाक हमेशा ही भारतीय सीमा में गोलीबारी करता रहा है। लेकिन इस बार पाक चोट खाए सांप की तरह है, जो हर हाल में डसना चाहता है। पाक का इतिहास भी पीठ में छुरा भोंपने का रहा है।
भारत से अलग होने के बाद चोरी व छल से कश्मीर में दाखिल हुआ, जिसके चलते 1948 में भारत व पाक के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध के बाद से ही पीओके पर उसका अवैध कब्जा है। 1965 में भी उसने ही भारत पर हमला किया था। इस युद्ध के बाद भी दोनों देशों ने संघर्ष विराम रखने का करार किया था। जिसे पाक ने खुद तोड़ा था। 2001 में संसद पर हमले के दो साल बाद वर्ष 2003 में भारत और पाक ने एक बार फिर सीमा पर संघर्ष विराम रखने का समझौता किया था।
यह कुछ समय तक ही जारी रहा, लेकिन पाक ने इसे फिर तोड़ दिया। दरअसल, भारत के खिलाफ आतंकवाद के रूप में प्रॉक्सी वार लड़ने के कारण पाक सीजफायर समझौते का पालन करना ही नहीं चाहता है। वह अपने आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने के लिए सीजफायर तोड़ता रहता है, ताकि भारतीय फौजों को उलझाया जा सके।
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