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पाक की नापाक कोशिश लगातार जारी, संघर्ष विराम उल्लंघन का बना रहा है रिकॉर्ड

पाकिस्तान कश्मीर में जहां एक तरफ आतंकवाद को बढ़ावा देने से बाज नहीं आ रहा है, वहीं सीमा पार से गोलाबारी कर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है।

पाक की नापाक कोशिश लगातार जारी, संघर्ष विराम उल्लंघन का बना रहा है रिकॉर्ड

पाकिस्तान की लगातार कोशिश कश्मीर को अशांत रखने की है। आतंकवाद को लेकर वैश्विक स्तर पर फजीहत होने के बावजूद पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। वह कश्मीर में जहां एक तरफ आतंकवाद को बढ़ावा देने से बाज नहीं आ रहा है, वहीं सीमा पार से गोलाबारी कर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। पाक की भीषण गोलाबारी में सीमा पर भारतीय जवान शहीद हो रहे हैं तो बेकसूर नागरिक भी मारे जा रहे हैं।

इस साल अब तक पाक फायरिंग में नौ जवान शहीद हुए हैं, 17 नागरिक मारे गए हैं और करीब 70 घायल हुए हैं। वर्ष 2018 में केवल सवा माह में पाकिस्तान ने 160 से अधिक बार संघर्ष विराम तोड़ा है। पिछले साल 2017 में 860 से अधिक बार पाक फौज ने सीजफायर का उल्लंघन किया था। कश्मीर सीमा पर पाक की बेलगाम हरकत पर भारत का मुंहतोड़ जवाब देना लाजिमी है।

भारत की जवाबी कार्रवाई में अनेक पाक रेंजर मारे गए हैं, कई पाक सैन्य बंकर तबाह हुए हैं। सेना ने पाक में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक भी किया। भारत से बार-बार सैन्य जवाब मिलने और युद्ध में शिकस्त खाने के बावजूद पाकिस्तान सबक नहीं ले रहा है। एक साथ चार सैनिक शहीद होने से भारतीय जनमानस में पाकिस्तान के प्रति आक्रोश बढ़ा है। सीमा पर करीब सभी 84 स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद किया गया है।

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इससे स्पष्ट संकेत है कि भारतीय सेना पाक को कठोर जवाब देने की तैयारी में है। केंद्र व जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी कड़ा बयान दिया है कि पाक को माकूल जवाब दिया जा रहा है और आगे भी दिया जाएगा। भारत और पाकिस्तान ने 2003 में संघर्ष विराम समझौता किया था। लेकिन पाकिस्तान 2003 के करार को भी तोड़ता रहा है और सीमा पार से फायरिंग करता रहा है।

साथ ही वह सैन्य हमले में भारतीय नागरिकों को भी निशाना बना रहा है। पाकिस्तान की हिमाकत देखिये कि कश्मीर सोलिडेरिटी डे के नाम पर उसके राष्ट्रपति ममनून हुसैन, प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी कहते हैं कि पाक कश्मीर में संघर्ष को समर्थन देता रहेगा। हिज्बुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भी तब के पाक पीएम रहे नवाज शरीफ ने वानी को शहीद कहा था।

यह आईने की तरह साफ हो गया है कि कश्मीर में आतंकवाद, अलगाववाद, हिंसा, पत्थरबाजी, उपद्रव के पीछे पाकिस्तान है। वह नीतिगत तौर पर कश्मीर में आतंकवाद प्रायोजित करता रहा है और सीजफायर तोड़ हमला कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक भी कश्मीर का पीओके सहित भारत में विलय हुआ था। उस हिसाब से पीओके पर पाक का अवैध कब्जा है जो संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन है।

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भारत ने पाक के साथ लगातार शांति बहाली की कोशिश की है। तानवपूर्ण रिश्तों के बावजूद हाल में ही भारत व पाक के एनएसए अजित डोभाल व नासिर खान जंजुआ के बीच थाईलैंड में वार्ता हुई है। भारत ने कश्मीर में अमन के लिए पूर्व अधिकारी दिनेश्वर शर्मा को वार्ताकार नियुक्त किया है, जो घाटी में विभिन्न समूहों से बात कर रहे हैं।

लेकिन पाक फौज व उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई आतंकवादी वारदातों को अंजाम देकर शांति वार्ताओं को पटरी से उतारती रही हैं। संघर्ष विराम का उल्लंघन पाक फौज की सोची समझी रणनीति है। वह कश्मीर में अलगावादी गुटों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करती है। अब समय आ गया है कि पाक को माकूल जवाब दिया जाय। उसे शांति वार्ता में पाक की तनिक भी रुचि नहीं है।

उसे सैन्य भाषा ही पसंद है। पाक की मनमानी के खिलाफ कठोर सैन्य कार्रवाई करना जरूरी हो गया है। भारत को शांति वार्ता का विकल्प हमेशा खुला रखना चाहिए, लेकिन अपने सैनिकों की शहादत को भी सदा याद रखना चाहिए। भारत को पाक के खिलाफ कूटनीतिक, आर्थिक और सामरिक तीनों ही स्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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