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आतंकियों के पनाहगार पाकिस्तान पर एक्शन जरूरी

सलाहुद्दीन की स्वीकारोक्ति से दुनिया में पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ

आतंकियों के पनाहगार पाकिस्तान पर एक्शन जरूरी

दुनिया के पटल पर पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देने वाले देश के रूप में पहले से कुख्यात है। विश्व के करीब सभी देश जान चुके हैं कि पाकिस्तान सरकार और फौज की सरपरस्ती में अनेक आतंकी गुट वहां सक्रिय हैं।

भारत पिछले कई सालों से पाक प्रायोजित आतंकवाद से पीड़ित रहा है और लगभग सभी ग्लोबल मंचों से पाक के आतंकी करतूत का भंडाफोड़ करता रहा है।

हाल ही में ग्लोबल आतंकी घोषित हिज्बुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन का पाकिस्तानी टीवी चैनल पर सरेआम कबूलनामा कि उसने और उसके आतंकी गुट ने कश्मीर में हमले किए हैं, उनके कश्मीर में अनेक समर्थक हैं,

वह भारत में जहां चाहे आतंकी हमले करवा सकता है, इस बात की फिर पुष्टि करता है कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह दे रहा है। सलाहुद्दीन की स्वीकारोक्ति से दुनिया में पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है कि कश्मीर में जो कुछ भी हो रहा है,

जितनी भी आतंकी वारदात हो रही हैं, जितनी भी पत्थरबाजियां हो रही हैं, इन सभी के पीछे पाकिस्तान का ही हाथ है। हालांकि पाक सरकार इनकार करती रही है।

दो दिन पहले पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में एक रैली के दौरान सलाहुद्दीन ने उसे ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले को बेवकूफी से भरा बताया था।

सितंबर 2016 में अमेरिकी गृह विभाग ने कहा था कि हिज्बुल मुजाहिदीन का सरगना सलाहुद्दीन ने कश्मीर विवाद के किसी भी शांतिपूर्ण हल को रोकने, कश्मीरी आत्मघाती दस्ते को प्रशिक्षित करने और घाटी को भारतीय सेनाओं की कब्रगाह बनाने की कसम खाई थी। उसने कश्मीर में कई हमलों की जिम्मेदारी ली।

कश्मीर में आतंक फैलाकर तबाही मचाने के चलते ही अमेरिका ने उसे ग्लोबल आतंकी घोषित किया था। अब जबकि एक घोषित आतंकी पाक में स्वीकार करे कि उसने भारत में कई हमलों काे अंजाम दिया है

तो अब सबूत देने के लिए रह क्या जाता है? कश्मीर में आतंक मचाने के जुनून में सलाहुद्दीन यह भी भूल जाता है कि जिस सेना की कब्रगाह बनाने की वह कसम खाता है, उसी सेना ने उसके बेटे मुनीद को हिज्बुल के ही आतंकी हमले से बचाया था।

सलाहुद्दीन को ग्लोबल आतंकवादी घोषित करने के अमेरिकी फैसले को पाकिस्तान ने यह कह कर गलत बताया था कि सलाहुद्दीन कश्मीरियों की आजादी की लड़ाई को समर्थन दे रहा है।

पाक के इस रवैये से स्पष्ट है कि वह कश्मीर में आतंक फैलाने वालों का खुला साथ दे रहा है। हाफिज सईद, कंधार विमान अपहरण के दोषी मसूद अजहर और मुंबई सीरियल ब्लास्ट के आरोपी दाऊद इब्राहिम को पाकिस्तान में पनाह मिली हुई है।

जैश, लश्कर, हक्कानी नेटवर्क और तहरीके तालिबान जैसे 32 से ज्यादा आतंकी गुट पाकिस्तान से ऑपरेट करते हैं। एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर नेशनल अवामी पार्टी के सीनियर नेता लियाकत हयात खान ने कहा कि हम पाक फौज और पीएम नवाज शरीफ से अपील करते हैं कि वे पीओके में आतंकियों को भेजना बंद कर दें।

उन्होंने पाक फौज पर पीओके क्षेत्र में आतंकियों को पालने-पोसने और आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। ये सभी ताजा उदाहरण साबित करते हैं कि ग्लोबल दबाव के बावजूद आतंकियों व आतंकवादी गुटों को पालने-पोसने और पनाह देने की नीति से पाक विलग नहीं हुआ है।

भारत ने भी कहा है कि सलाहुद्दीन का कबूलनामा ही उसके आतंकी होने का सबूत है और इससे पाक की पोल ख्ाुली है कि वह आतंकवाद को शरण नहीं देता है। प्रतिक्रया ही काफी नहीं है,

बल्कि अब समय आ गया है कि सरकार पाकिस्तान में पनाह पाए आतंकियों के खिलाफ सख्त एक्शन की जमीन तैयार करे और पाक को आतंकवादी राष्ट्र घोषित करवाए। कश्मीर में शांति के लिए पाकपरस्त लोगों व आतंकियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई जरूरी है। इसके लिए पाकिस्तान पर भी एक्शन आवश्यक है।

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