Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

नवाज को राहत, पाकिस्तान की घिनौनी राजनीति बेनकाब

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज और दामाद कैप्टन मोहम्मद सफदर को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से मिली राहत ने दरअसल पाक की अंदरूनी राजनीति के घिनौने चेहरे को उजागर किया है।

नवाज को राहत, पाकिस्तान की घिनौनी राजनीति बेनकाब
X

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज और दामाद कैप्टन मोहम्मद सफदर को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से मिली राहत ने दरअसल पाक की अंदरूनी राजनीति के घिनौने चेहरे को उजागर किया है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने एवनफील्ड प्रॉपर्टी केस में पर्याप्त सबूत नहीं होने के आधार पर तीनों को सुनाई गई सजा पर रोक लगा दी।

इसी वर्ष 6 जुलाई को अकाउंटिबिलिटी कोर्ट ने लंदन स्थित इस प्रॉपर्टी की मिल्कियत केस में नवाज, मरियम और सफदर को क्रमशः 10, 7 और 1 साल की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट की रोक दिखाती है कि पाक अदालत ने प्रॉपर्टी केस में बिना ठोस सबूत नवाज शरीफ को सख्त सजा सुना दी थी, जबकि हाईकोर्ट के सामने लंदन स्थित एवनफील्ड प्रॉपर्टी पर नवाज शरीफ का मालिकाना हक साबित नहीं हो पाया।

हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए नैब से कहा कि ‘आप चाहते हैं कि अनुमान के आधार पर आरोपितों को मुजरिम मान लें।‘ नवाज को जिस तरह चुनाव से ऐनवक्त पहले भ्रष्टाचार के आरोप में सजा सुनाई गई, उनकी गिरफ्तारी हुई और उन्हें जेल में डाला गया, वह सबकुछ प्रायोजित प्रतीत होता है। ऐसा लगता है कि इसके पीछे किसी की साजिश थी, जो नहीं चाहता था कि नवाज चुनाव को लीड कर सकें।

पाकिस्तान में जब-जब लोकतंत्र मजबूत होता दिखता है या कोई नेता मजबूत होता दिखता है, तो पाक फौज और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई उसे ठिकाने लगाने में जुट जाती हैं। यह पाक का स्याह सच है। पाक का दुर्भाग्य रहा है कि फौज प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शासन की बागडोर अपने हाथ में रखती है। शरीफ के साथ भी कुछ ऐसा ही घटित हुआ प्रतीत होता है।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद नवाज के लिए अयोग्यता मामले में भी इंसाफ की राह खुल गई है। पनामा लीक्स के बाद करप्शन के आरोप में पाक सुप्रीम कोर्ट ने नवाज को प्रधानमंत्री पद के अयोग्य करार दिया था और उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। अब नवाज पाक सुप्रीम कोर्ट में अपनी अयोग्यता के खिलाफ सुधारात्मक याचिका दाखिल कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य करार देने व आम चुनाव लड़ने पर रोक से जेल जाने तक जिस तरह पाक में नवाज के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया चली है, उसे देख कर स्पष्ट हो जाता है कि पाकिस्तान की एस्टाब्लिशमेंट नहीं चाहती थी कि नवाज शरीफ की सत्ता में वापसी हो। अदालत को ढाल बनाकर सत्ता से बेदखल कर दिए गए नवाज को कानून से मिली राहत के बाद पाक की सियासत में भारी उठापटक देखने को मिलेगी।

पहली बात तो नवाज की पार्टी पीएमएल-एन में जोश आएगा। इसका सीधा असर उपचुनाव पर दिखेगा। इमरान खान पांच जगह से चुनाव जीते हैं, उन्हें चार सीट खाली करनी होगी। दूसरे नेताओं ने भी एक से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस सभी सीटों पर उपचुनाव होंगे। उसमें नवाज पीएम इमरान खान की पार्टी तहरीके इंसाफ के लिए मजबूत चुनौती पेश करेंगे।

इमरान खान सरकार के सामने अब नवाज के रूप में मजबूत विपक्ष होगा। वे पाक फौज की सत्ता में दखल के खिलाफ भी मुखर रहेंगे। नवाज परिवार को राहत मिलने से कुछ जजों व सेना के गठजोड़ की भी पोल खुली है और इमरान को आगे लाने के लिए सेना की चुनाव प्रभावित करने की साजिश का पर्दाफाश भी हुआ है। किसी भी आरोप की जांच होनी चाहिए, लेकिन पाक अदालत को किसी की कठपुतली बनकर काम नहीं करना चाहिए।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story