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Modi Govt Report Card : मोदी सरकार के पांच साल की रिपोर्ट कार्ड, जानें कैसी बनी ''भारत की तस्वीर''

आज केंद्र की मोदी सरकार भारत के लिए अंतरिम बजट 2019 (Union Budget 2019 India) पेश करने जा रही है, अब जबकि देश चंद महीनों बाद आम चुनाव में जा रहा है, ऐसे में मौजदूा राजग सरकार के कामकाज और उसकी उपलब्धियों का आंकलन जरूरी है। 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद लगभग साढ़े चार साल में देश में अनेक नीतिगत व व्यवस्थागत बदलाव आए हैं।

Modi Govt Report Card : मोदी सरकार के पांच साल की रिपोर्ट कार्ड, जानें कैसी बनी

आज केंद्र की मोदी सरकार भारत के लिए अंतरिम बजट 2019 (Union Budget 2019 India) पेश करने जा रही है, अब जबकि देश चंद महीनों बाद आम चुनाव में जा रहा है, ऐसे में मौजदूा राजग सरकार के कामकाज और उसकी उपलब्धियों का आंकलन जरूरी है। 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद लगभग साढ़े चार साल में देश में अनेक नीतिगत व व्यवस्थागत बदलाव आए हैं। सरकार में स्थायित्व है, नीतिगत स्पष्टता है व विकास पर फोकस है। सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आई है, भ्रष्टाचार पर ब्रेक लगा है, कालेधन के सृजन पर रोक लगी है, अर्थव्यवस्था में नीतिगत सुधार आया। कुल मिलाकर सभी क्षेत्रों में भारत की तस्वीर बेहतर हुई है। संसद के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति का अभिभाषण सरकार के कामकाज का ब्योरा ही होता है।

राष्ट्रपति रामनाथ कविंद ने अपने अभिभाषण में मोदी सरकार के साहसिक व दूरगामी नीतिगत फैसले की सराहना की। बड़ी बात यह है कि देश में स्थिरता आई है। गठबंधन के बावजूद एक दल को स्पष्ट बहुमत मिला, जिसका असर फैसले पर दिखा। मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक व विमुद्रीकरण जैसे साहसिक नीतिगत फैसले किए और तीन तलाक, सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण जैसे परिवर्तनकारी निर्णय लिए, तो उज्ज्वला स्कीम, जनधन योजना, स्वच्छ भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, डीबीटी, आयुष्मान भारत, 12 रुपये में दो लाख का दुर्घटना बीमा व अटल पेंशन योजना आदि से सोशल सिक्योरिटी सुनिश्चित किए।

जीएसटी लागू करने से अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में एकरूपता आई तो राफेल, बराक, एस-400, के-9वज्र-होवित्जर और परमाणु पनडुब्बी आदि से देश की सामरिक ताकत बढ़ी। वन रैंक, वन पेंशन नीति लागू कर सैनिकों के कल्याण के लिए कदम उठाया। सभी गांवों तक बिजली, रोजगार के लिए मुद्रा योजना, कैशलेश इकोनोमी की दिशा में ई-लेनदेन व डिजिटल इंडिया को बढ़ावा, स्वर्ण बॉन्ड, 59 मिनट में एक करोड़ रुपये तक का लोन देने की व्यवस्था, 40 हजार ग्राम पंचायतों में वाई-फाई व 1 लाख 16 हजार गांवों में ऑप्टिकल फाइबर की पहुंच, 3 लाख से ज्यादा फर्जी कंपनियों पर ताला, 8 करोड़ फर्जी लाभार्थियों का नाम हटाना, बेनामी संपत्ति कानून व दीवालिया संशोधन कानून, रेरा कानून, एक हजार से अधिक बेकार कानूनों का खात्मा, जीएसटी में सुधार, कोयला खदानों के आवंटन में पारदर्शिता, 9 करोड़ से ज्यादा शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना, 13 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन आदि ऐसे कल्याणकारी फैसले किए, जो दिखाते हैं कि सरकार ने सभी वर्ग की उम्मीदों को पूरा करने की कोशिश की है।

सरकारी कामकाज को सरल बनाने से भारत की इज ऑफ डूइंग रैंकिंग सुधरी है। एफडीआई नियमों को सबसे उदार बनाने व विश्व के लगभग सभी देशों के साथ ट्रेड संबंधों को मजबूत करने से भारत विश्व की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बना। संयुक्त राष्ट्र ने भी भारत को सबसे तेज अर्थव्यवस्था माना। इस वक्त भारत विश्व में सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था है।

हालांकि दूसरी तरफ यह भी सच्चाई है कि नए रोजगार सृजन में सरकार बेहतर नहीं कर पाई है। राष्ट्रपति ने संसद में हंगामे पर चिंता जताई व सार्थक बहस की वकालत की। सरकार ने सर्वदलीय बैठक भी की है और अभिभाषण के माध्यम से भी कहा गया है कि सरकार संसद में सभी अहम मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है। इस बजट सत्र में देखने वाली बात है कि सभी दल राष्ट्रपति की बात का कितना सम्मान करते हैं। सबकी नजरें अंतरिम बजट में सरकार के नए ऐलान पर होंगी।

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