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चिंतन: पाकिस्तान पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने का वक्त

भारत सरकार ने दाऊद के ठिकानों के सबूत भी पाक को सौंपे हैं, लेकिन पाक सरकार भारतीय सबूतों को नकारती रही है।

चिंतन: पाकिस्तान पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने का वक्त
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नई दिल्ली. अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पर पाकिस्तान का 'इनकार' झूठ साबित हुआ है। अब तक पाकिस्तान इनकार करता रहा है कि मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड दाऊद का ठिकाना उसके देश में नहीं है, जबकि भारत ने लगातार कहा है कि उसका वांछित अपराधी दाऊद पाकिस्तान में है और वह पाक सरकार की सरपरस्ती में वहां रह रहा है। भारत सरकार ने दाऊद के ठिकानों के सबूत भी पाक को सौंपे हैं, लेकिन पाक सरकार भारतीय सबूतों को नकारती रही है। अब संयुक्त राष्ट्र की समिति ने पाया है कि भारत ने पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम के जो नौ पते बताए थे, उनमें से छह पते सही हैं।
यानी भारत के दावों पर यूएन ने मुहर लगा दी। भारत ने एक डोजियर में इन नौ पतों का उल्लेख करते हुए कहा था कि दाऊद पाकिस्तान के इन स्थानों पर आता है और रहता है। यह डोजियर दो साल पहले तैयार किया गया था। डोजियर इस बात का सबूत था कि दाऊद पाकिस्तान में छिपा हुआ है। पाकिस्तान में दाऊद के आवासों की जानकारी वाले इस डोजियर को पाक के तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज और उनके भारतीय समकक्ष अजित डोभाल के बीच वार्ता के दौरान सौंपा जाना था। बाद में यह वार्ता रद हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आइएसआइएल और अलकायदा प्रतिबंध समिति ने पाया है कि छह पते सही हैं। दाऊद 12 मार्च 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मास्टरमाइंड हैं और भारत में वांछित है। इन ब्लास्टों में 257 लोग मारे गए थे और 717 लोग घायल हुए थे। दाऊद भारत में धनशोधन एवं रंगदारी का भी आरोपी है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकी घोषित किए गए दाऊद की संपत्ति कुर्क है। उसकी यात्राओं पर प्रतिबंध है। यूएन की समिति ने दाऊद को तीन नवंबर 2003 में सूचीबद्ध किया था।
समिति ने दाऊद से जुड़ी जानकारी को मार्च और जुलाई 2006 में, जुलाई 2007 में और मार्च 2010 में संशोधित भी किया था। समिति ने पाया कि दाऊद को 18 अगस्त 1985 को एक पासपोर्ट दुबई में जारी किया गया। 12 अगस्त 1991 में एक पासपोर्ट रावलपिंडी में जारी किया गया। इन दोनों पासपोटरें का 'गलत इस्तेमाल' हुआ। दाऊद को जुलाई 1996 में कराची में और जुलाई 2001 में रावलपिंडी में पासपोर्ट जारी किया गया। दुनिया जानती है कि दाऊद ठिकाना बदल-बदल कर पाकिस्तान और दुबई में रहता है। भारतीय सबूतों को नकारना पाकिस्तान के लिए नया नहीं है। कई बार पाकिस्तानी आतंकी भारत में पकड़े गए हैं, जिसके सबूत भारत ने पाक को दिए हैं। आतंकी कसाब पाक नागरिक ही था। भारत में आतंकी वारदातों में भी पाक स्थित आतंकी गुटों व पाक नागरिक सरगनाओं का हाथ रहा है। पाकिस्तान के चाहे अजहर मसूद हो या हाफिज सईद दोनों भारत में आतंकवाद फैलाने में शामिल हैं। दाऊद के पाकिस्तान में ठिकानों पर यूएन की मुहर के बाद वैश्विक स्तर पर पाक सरकार फिर बेनकाब हुई है कि वह भारत के दुश्मनों को पनाह दे रहा है। आतंकवाद की शरणस्थली के रूप में पाक पहले से कुख्यात हो चुका है। इसलिए अब समय आ गया है कि संयुक्त राष्ट्र को पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।
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