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आतंकवादियों के बढ़ते हौसले ने बढ़ाई चिंता

पाकिस्तान सरकार भले ही आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के दावे कर रही है, लेकिन हालात अभी भी जस के तस ही हैं।

आतंकवादियों के बढ़ते हौसले ने बढ़ाई चिंता
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लाहौर में रोमन कैथोलिक चर्च और क्राइस्ट चर्च में आत्मघाती हमले होना दिखाता है कि पाकिस्तान में हालात बदतर होते जा रहे हैं। पाकिस्तान सरकार भले ही आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के दावे कर रही है, लेकिन हालात अभी भी जस के तस ही हैं। लगता नहीं कि पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों से आतंकवादियों के मन में कोई खौफ पैदा हुआ है।

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ये धमाके उस समय हुए जब लोग प्रार्थना करने जा रहे थे। इससे लगता है कि आतंकियों का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान लेना था। ये दोनों चर्च लाहौर के योहानाबाद इलाके में स्थिति हैं। यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी ईसाई कॉलोनी है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से अलग होकर बने समूह जमातुल अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों को लंबे समय से चरमपंथियों व आतंकवादी समूहों द्वारा निशाना बनाया जाता रहा है।

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साल 2013 में भी पेशावर में आॅल सेंट्स चर्च पर दो आत्मघाती हमले हुए थे जिसमें 80 लोग मारे गए थे। बार-बार हो रहे इन आतंकी हमलों से वहां के अल्पसंख्यकों में दहशत का माहौल है। कई तो पाकिस्तान छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। देखा जाए तो पाकिस्तान बारूद के ढेर पर बैठा है। आज दुनिया में उसकी छवि आतंकवाद को पोषित करने और उसे बढ़ावा देने वाले देश की बन गई है। वह दुनिया के खंूखार आतंकवादियों को न सिर्फ पनाह दे रहा है, बल्कि वहां की सरकार आतंकी संगठनों को फलने-फूलने का पूरा मौका भी दे रही है। वहां आज साठ से भी अधिक आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं।

इसी वजह से पाकिस्तान को खतरनाक देशों में शुमार किया जाने लगा है। यह आतंकवाद पाकिस्तान को आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक रूप से खोखला करता जा रहा है, लेकिन फिर भी वहां की सरकार कोईसबक लेती नहीं दिख रही है। अभी बीते साल दिसंबर में पेशावर के आर्मीस्कूल पर आतंकवादियों ने जो बर्बरता दिखाई थी उसके बाद पाकिस्तान सरकार की ओर से कहा गया था कि सेना बिना भेदभाव के सभी तरह के आतंकवाद को खत्म करेगी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकियों को फांसी की सजा पर लगी रोक भी हटा ली थी, लेकिन वहां की सरकार जमात उद दावा प्रमुख हाफीज सईद, लश्कर ए तैयबा प्रमुख जकीउर रहमान लखवी और बाकी आतंकवादियों के प्रति, जो भारत को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिस तरह से उदारता दिखा रही है कि उससे स्पष्ट हो रहा है कि पाकिस्तान अभी भी आतंकवाद को अच्छे और बुरे की श्रेणी में बांटकर देख रहा है। एक तरफ वह स्वयं आतंकवाद का शिकार हो रहा है, लेकिन दूसरी तरफ दूसरे देशों के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने का काम भी बखूबी अंजाम दे रहा है।

पाक सरकार आतंकवाद को मिटाने की बात कह रही है, परंतु यह तभी संभव हो सकेगा जब वह समग्र रूप से आतंकवाद के खिलाफ जंग छेडे यह नृशंस घटना दर्शाती है कि पाकिस्तान की व्यवस्था कितनी चरमरा गई है। यदि उसको अपनी धरती पर शांति कायम करनी है तो उसे इस दोहरी नीति का त्याग करना होगा।

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