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चिंतन: भारत की रक्षा तैयारियों से पड़ोसी फिर परेशान

कुछ मामलों में तो भारत उस चीन को भी पीछे छोड़ चुका है, जिसके बल पर पाकिस्तान उछल-कूद करता है।

चिंतन: भारत की रक्षा तैयारियों से पड़ोसी फिर परेशान

ऐसा कौन सा मुद्दा है, जिसे लेकर पाकिस्तान को भारत के साथ परेशानी नहीं होती है। यह और भी दिलचस्प है कि वह हर मामले में भारत के साथ होड़ लेने की चेष्टा करता है जबकि वस्तुस्थिति उसे भी पता है। न वह विकास के मामले में कहीं ठहरता। न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की साख और भूमिका के सामने वह खड़ा होने की हालत में है। किसी भी क्षेत्र में देख लें, वह भारत का पासंग भी नहीं है परन्तु उसके हुक्मरान बात इस अंदाज में करते हैं, जैसे वह भारत की टक्कर के देश हैं।

दुनिया में ऐसे गिने-चुने ही देश हैं, जो अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रम के क्षेत्र में स्वदेश तकनीक के बल पर बहुत ऊंचा मुकाम रखते हैं। कुछ मामलों में तो भारत उस चीन को भी पीछे छोड़ चुका है, जिसके बल पर पाकिस्तान उछल-कूद करता है। भारत से चार युद्धों में मुंह की खाने वाला ये पड़ोसी देश बार-बार धमकी देता है कि फलां मुद्दे को लेकर वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाएगा। सवाल यह उठता है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी सुनता कौन है?

दुनिया में उसकी साख और पूछ कितनी है, इसके बारे में भी उसे सोचना चाहिए। पाकिस्तानी पासपोर्ट की अधिकांश देशों में क्या दुर्दशा है, यह बताने की जरूरत नहीं है। विश्व के अधिकांश देशों ने पाकिस्तान के साथ दोतरफा खेल प्रतियोगिताएं तक स्थगित कर रखी हैं। न पाकिस्तान सरकार अपने नौजवानों को रोजगार दे पा रही है न सुरक्षा और न यह भरोसा कि निकट भविष्य में उसके आर्थिक हालात बेहतरी की दिशा में बढ़ सकते हैं।

चार साढ़े चार प्रतिशत की दर से बढ़ने वाली उसकी विकास दर बेहद दयनीय हालत में है। पड़ोसी मुल्क पर यह कहावत सही चरितार्थ होती है कि घर में नहीं दाने-अम्मा चली भुनाने। भारत अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कई तरह के फैसले तेजी से ले रहा है। इसी से होड़ दिखाने के चक्कर में पाकिस्तान ने एफ-16 लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला लिया। अमेरिका ने भी काफी टहलाने के बाद इसकी स्वीकृति दे दी परन्तु उस समय तो हद हो गई, जब पाकिस्तान ने इसके लिए भी अमेरिका से आर्थिक मदद की मांग कर डाली।

अमेरिकी कांग्रेस ने इसकी इजाजत देने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद वह इस धमकी पर उतर आया कि वह कहीं और से एफ-16 विमानों का जुगाड़ कर लेगा। पाकिस्तान को भारत के साथ ताजा परेशानी सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल परीक्षण को लेकर हुई है। यह मिसाइल आकाश में ही हमलावर बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट कर देने की क्षमता रखती है। भारत द्वारा यह क्षमता हासिल कर लेने से पाकिस्तान के पेट में दर्द होना शुरू हो चुका है। नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने बयान दाग दिया है कि इससे क्षेत्र में शक्ति संतुलन बिगड़ जाएगा। यही नहीं, उन्होंने भारत की मजबूत होती सुरक्षा तैयारियों को लेकर अमेरिका को भी कोसा है।

सरताज अजीज को सपना आ रहा है कि चीन की बढ़ती ताकत को सीमित रखने के लिए ही अमेरिका भारत को तकनीक, शस्त्र और दूसरी मदद मुहैया करवा रहा है। इस तरह का बचकाना आरोप लगाते हुए अजीज भूल जाते हैं कि जहां तक अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रश्न है, भारत इस मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भरता की ओर वर्षों पहले कदम बढ़ा चुका है। दुनिया के ऐसे कितने देश हैं, जिनके यान मंगल की कक्षा तक पहुंचे हैं? भारत का अब सेटेलाइट के माध्यम से अपना जीपीएस सिस्टम काम कर रहा है। पाकिस्तान के हुक्मरानों को लगता है कि भारत सिर्फ उसे ध्यान में रखते हुए अपनी रक्षा-सुरक्षा तैयारी कर रहा है। यह उसका सिर्फ और सिर्फ भ्रम ही हो सकता है। उसे नहीं भूलना चाहिए कि भारत की सैन्य शक्ति के सामने वह कहीं नहीं ठहरता है।

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