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Ram Vilas Paswan : बिहार के इस शहर को अपनी मां मानते थे रामविलास पासवान, राष्ट्रीय और अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर दिलाई पहचान

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का बीते गुरुवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। इसकी जानकारी उनके बेटे चिराग पासवान ने दी थी।

Ram Vilas Paswan : बिहार के इस शहर को अपनी मां मानते थे रामविलास पासवान, राष्ट्रीय और अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर दिलाई पहचान
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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का बीते गुरुवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। इसकी जानकारी उनके बेटे चिराग पासवान ने दी थी। पासवान सिर्फ बिहार की राजनीति में ही नहीं बल्कि केंद्र की राजनीति के भी माहिर खिलाड़ी थे। उन्होंने बिहार की राजनीति के अपने करियर की शुरुआत की और पी वी नरसिम्हा राव से लेकर आज वर्तमान तक पीएम मोदी के दौर में राजनीति की।

हार्ट सर्जरी से बिगड़ी हालत

लोजपा के संस्थापक और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री को तबियत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती किया गया था। हाल ही में फॉर्टिस एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट में उनके हार्ट की सर्जरी हुई थी। जिसके बाद उनकी हालत खराब होती चली गई थी। पासवान ने बिहार की हाजीपुर लोकसभा चुनाव से चुनाव लड़े और वो उनके लिए सुरक्षित सीट मानी गई। कहते हैं तो उन्होंने राजनीति में आने के लिए बिहार पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी।

साल 1977 में हाजीपुर से जुड़े

रामविलास पासवान की राजनीति में हाजीपुर की अपनी एक अहम भूमिका रही। रामविवास को सोशलिस्ट पार्टी से विधानसभा चुनाव में पहली बार कांग्रेस नेता के खिलाफ उतारा गया। उसके बाद उन्होंने हाजीपुर को अपनी कर्मभूमि मानते हुए उसके लिए काम किया। उसके बाद उन्हें जनता पार्टी की तरफ से हाजीपुर से फिर टिकट दिया गया। ये सुरक्षित सीट मानी जाती थी। उन्होंने बालेश्वर राम को रिकार्ड मतों से पराजित कर रिकॉर्ड बनाया। पासवान का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज है। रामविलास अपने भाषणों में हाजीपुर को अपनी मां कहकर संबोधित करते थे। हाजीपुर में रेलवे का मुख्यालय उन्होंने ही बनवाया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने इसका शिलान्यास किया था। हाजीपुर को राष्ट्रीय और अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवाने का रिकॉर्ड भी पासवान के नाम है।

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