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आज युद्ध का नया तरीका है नागरिक समाज को तोड़ना : अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार(National Security Advisor) अजीत डोभाल (Ajit Doval) ने शुक्रवार को कहा कि नागरिक समाज को टूटने से बचाना पुलिस अधिकारियों का नया मोर्चा है। उन्होंने कहा कि युद्ध अब राजनीतिक और सैन्य उद्देश्यों को प्राप्त करने का एक प्रभावी साधन नहीं है।

आज युद्ध का नया तरीका है नागरिक समाज को तोड़ना : अजीत डोभाल
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) अजीत डोभाल (Ajit Doval) ने शुक्रवार को कहा कि नागरिक समाज को टूटने से बचाना पुलिस अधिकारियों का नया मोर्चा है। उन्होंने कहा कि युद्ध अब राजनीतिक और सैन्य उद्देश्यों को प्राप्त करने का एक प्रभावी साधन नहीं है। युद्ध बहुत महंगे होते हैं और इसके परिणाम के बारे में कोई नहीं जानता, लेकिन नागरिक समाज के माध्यम से राष्ट्र के हित को चोट पहुंचाने के लिए इसे तोड़ा जा सकता है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि भूमि पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने ने कहा लोग सबसे महत्वपूर्ण हैं। युद्ध का नया मोर्चा नागरिक समाज है।

मजबूत आंतरिक सुरक्षा के बिना कोई भी देश नहीं बन सकता महान

डोभाल ने कहा अगर आंतरिक सुरक्षा विफल हो जाए तो कोई भी देश महान नहीं बन सकता। अगर लोग सुरक्षित नहीं हैं तो वे आगे नहीं बढ़ सकते हैं और शायद देश कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा। उन्होंने कहा देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारत की 15,000 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा के प्रबंधन में पुलिस बलों की भी प्रमुख भूमिका है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस बलों की भी है जिम्मेदारी

सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Service) के 73वें बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि भारत की संप्रभुता तटीय क्षेत्रों से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों तक अंतिम पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र तक फैली हुई है।

डोभाल ने कहा कि भारत के 32 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के हर हिस्से में कानून-व्यवस्था (Law and order) बनाए रखना पुलिस बलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा यह न केवल पुलिसिंग है जिसमें आप लोगों को अच्छी तरह से प्रशिक्षित किया गया है, बल्कि इसका विस्तार भी होगा। आप इस देश के सीमा प्रबंधन के लिए भी जिम्मेदार होंगे।

इस देश की सीमा 15,000 किलोमीटर तक फैली है, जिनमें से अधिकांश हिस्सों की अपनी-अपनी तरह की समस्याएं हैं। हमारे पास सुरक्षा संबंधी कई तरह के मुद्दे हैं जिनकी देखभाल केंद्रीय पुलिस संगठन (central police organization) और इन सीमाओं की रखवाली करने वाले पुलिस कर्मियों द्वारा की जाती है। उनके मुताबिक देश में पुलिस बल की संख्या 21 लाख है और अब तक 35,480 जवानों ने अपना बलिदान दिया है। डोभाल ने बिना किसी विशेष घटना का जिक्र करते हुए कहा, हम शहीद हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 40 अधिकारियों को भी याद करना चाहेंगे।

नए युग में भारत को अपनी कई उपलब्धियों के लिए जाने जाएगा

सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) ने कहा कि भारत अपनी आजादी के 100वें वर्ष की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही हम एक नए युग में प्रवेश करेंगे और अपनी कई उपलब्धियों के लिए जाने जाएंगे। वह दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होंगे। डोभाल ने कहा कि लोकतंत्र का सार मतपेटी में नहीं बल्कि उन कानूनों में निहित है जो चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए लोगों द्वारा बनाए जाते हैं।

उन्होंने कहा जहां कानून लागू करने वाले कमजोर, भ्रष्ट और पक्षपातपूर्ण हैं, वहां लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस (police) को अन्य संस्थानों के साथ मिलकर काम करना होगा। जिसके लिए उन्हें देश की सेवा करने के लिए मानसिक शक्ति की आवश्यकता होती है।

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