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Mukesh Ambani Antilia Case : एनआईए ने परमबीर सिंह से की साढ़े 3 घंटे पूछताछ, सचिन वझे की मुश्किलें और बढ़ीं

सीबीआई ने 100 करोड़ की वसूली मामले में सचिन वझे की कस्टडी पाने के लिए एनआईए कोर्ट में अपील की। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी है।

Mukesh Ambani Antilia Case : एनआईए ने परमबीर सिंह से की साढ़े 3 घंटे पूछताछ, सचिन वझे की मुश्किलें और बढ़ीं
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एनआईए की पूछताछ के बाद ऑफिस से बाहर आते मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह। 

मशहुर उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियों मिलने और मनसुख हिरेन हत्याकांड की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार सचिन वझे को लेकर एनआईए ने आज मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह से पूछताछ की। करीब साढ़े तीन घंटे चली पूछताछ के दौरान परमवीर सिंह से कई सवाल पूछे गए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एनआईए कई सवालों के जवाब को लेकर संतुष्ट नहीं है। उधर, आरोपी सचिन वझे को भी आज एनआईए की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दोबारा 9 अप्रैल तक एनआईए की कस्टडी में भेज दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए ने परमवीर सिंह से जानना चाहा कि 16 साल तक सस्पेंड रहने वाले सचिन वझे को आखिरकार किस आधार पर फिर से बहाल किया गया? बता दें कि सचिन वझे समेत कई निलंबित पुलिस अधिकारियों को यह हवाला देकर पुलिस फोर्स में दोबारा लिया गया था कि कोरोना महामारी के चलते पुलिस स्टाफ की अधिक से अधिक संख्या में जरूरत है।

एनआईए ने अपने दूसरे सवाल से इस दलील को ही खारिज कर दिया। एनआईए ने पूछा कि क्राइम ब्रांच में कई सीनियर अधिकारी होने के बावजूद वझे को ही सीआईयू का हेड क्यों बनाया गया। तीसरा सवाल परमवीर सिंह को और भी ज्यादा परेशान करने वाला था। इसमें परमवीर से पूछा गया कि प्रोटोकॉल के हिसाब से वझे को अपने सीनियर को रिपोर्ट करना चाहिए, लेकिन वो सीधे आपको रिपोर्ट करते थे, इसका क्या कारण था?

सीबीआई ने और भी कई सवाल किए, जिनका जवाब देते समय परमवीर सिंह असहज नजर आए। खबरों की मानें तो एनआईए ने यह भी जानने की कोशिश की कि वझे की नियुक्ति और उसे असीम शक्तियां देने के पीछे राजनीतिक दखलंदाजी थी या नहीं, अगर हां तो किस हद तक।

उधर, सीबीआई ने 100 करोड़ की वसूली मामले में सचिन वझे की कस्टडी पाने के लिए एनआईए कोर्ट में अपील की। मामले की जांच सीबीआई को बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से सौंपी गई है। दरअसल पूर्व पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली कराने का आरोप लगाया था, जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई इसी मामले में पहले सचिन वझे से पूछताछ करना चाहती है, क्योंकि इस पूरे प्रकरण के तमाम तार उसी से जुड़े मिल रहे हैं।

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