Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

Medical Termination of Pregnancy Act 2020: अब 24 सप्ताह में गर्भपात करवा सकेंगी महिलाएं, लोकसभा में पारित हुआ विधेयक

Medical Termination of Pregnancy Act 2020: डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि अगर गर्भ में ही किसी बच्चे की दिव्यांगता के बारे में पता लग जाता है तो उसकी मां ये कभी नहीं चाहेगी कि उसके बच्चे की जिंदगी कष्ट से भरी हुई हो।

Medical Termination of Pregnancy Act 2020: 24 सप्ताह में गर्भपात करवाने वाला विधेयक लोकसभा में पारित, ये हैं इसके फायदेअब 24 सप्ताह में गर्भपात करवा सकेंगी महिलाएं

Medical Termination of Pregnancy Act 2020 : गर्भ का चिकित्सकीय समापन संशोधन विधेयक 2020 को लोकसभा में मंजूरी मिल गई है। जिसमें गर्भपात की अधिकतम सीमा को 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने की बात कही गई है।

किसको मिलेगा फायदा

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि यह विधेयक मुख्य रूप से उन महिलाओं के लिए है जिनके साथ रेप हुआ हो या फिर वो नाबालिग हो। उन महिलाओं के लिए गर्भ धारण करना किसी अभिशाप से कम नहीं होता है। इसलिए यह विधेयक मुख्य रूप से असाधारण परिस्थितियों के लिए लागू किया जा रहा है।

कैसे मिली मंजूरी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि अगर गर्भ में ही किसी बच्चे की दिव्यांगता के बारे में पता लग जाता है तो उसकी मां ये कभी नहीं चाहेगी कि उसके बच्चे की जिंदगी कष्ट से भरी हुई हो। इस स्थिति में भी वो गर्भपात करवाने में सक्षम हो पाएंगी। उन्होंने कहा कि पहले ऐसे मामलों के लिए महिलाओं को कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते थे। जिसमें खर्च भी बहुत आते थे। लेकिन इस विधायक के बाद इन खर्चों से और कई परेशानियों से भी राहत मिलेगी।

क्यों पड़ी इस बिल की जरुरत

20 सप्ताह में गर्भपात करवाना सुरक्षित नहीं था। इससे कई महिलाओं की मौत हो जाती थी। लेकिन 24 सप्ताह में गर्भपात करवाना ज्यादा सुरक्षित होगा और इससे गर्भपात के दौरान होने वाली मौत होने की संभावनाएं घटेंगी।

क्या थी मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 की शर्तें

सब सेक्शन (4) के अनुसार

(क) जहां गर्भ 12 सप्ताह से अधिक का न हो, वहां यदि ऐसे चिकित्सा-व्यवसायी ने, या

(ख) जहां गर्भ बारह सप्ताह से अधिक का हो लेकिन बीस सप्ताह से अधिक का न हो, वहां यदि दो या दो से अधिक रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी ने, साफ नीयत से यह राय कायम की हो कि

(i) गर्भ के बने रहने से गभर्वती स्त्री का जीवन जोखिम में पड़ेगा या उसके शारीरिक या मानिसक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान का जोखिम होगा; या

(ii) इस बात का पर्याप्त जोखिम है कि यदि बच्चा पैदा हुआ तो वह ऐसी शारीरिक या मानिसक रुप से पीड़ित होगा कि वह गंभीर रूप से विकलांग हो, तो वह गर्भ रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा-व्यवसायी द्वारा समाप्त किया जा सकेगा।

Next Story
Top