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मौसम की जानकारी : केरल में चार दिन की देरी से पहुंचेगा मानसून, जानें क्या कहते हैं मौसम विभाग के महानिदेशक

दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहे भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि इस साल देश में मानसून का आगमन 6 जून को होगा यानि इसी दिन वह केरल में दस्तक देगा।

मौसम की जानकारी : केरल में चार दिन की देरी से पहुंचेगा मानसून, जानें क्या कहते हैं मौसम विभाग के महानिदेशक

दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहे भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का कहना है कि इस साल देश में मानसून का आगमन 6 जून को होगा यानि इसी दिन वह केरल में दस्तक देगा। आमतौर पर केरल में 1 जून को मानसून पहुंच जाता था। लेकिन इस बार इसमें चार दिन की देरी देखने को मिल सकती है।

लेकिन इस देरी का जून से सितंबर महीने के दौरान मानसून सीजन में होने वाली बारिश की मात्रा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस दौरान देश में अच्छी बारिश होगी। राजधानी दिल्ली और देश के बाकी राज्यों को लेकर मौसम विभाग अपना पूर्वानुमान जून के पहले सप्ताह में जारी करेगा। यह जानकारी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ़ के़ जे़ रमेश ने हरिभूमि से हुई बातचीत में दी।


फिर बदलेगा मौसम का मिजाज

डॉ़ रमेश ने यह भी बताया कि राजधानी समेत देश के कुछ अन्य राज्यों में अचानक बदले मौसम के मिजाज के पीछे पश्चिमी-विक्षोभ एक मुख्य वजह है। लेकिन मौसम का यह बदलाव केवल बुधवार तक ही बना रहेगा। इसके बाद 18, 19 मई को एक और पश्चिमी विक्षोभ आएगा। जिसकी शुरूआत पश्चिमी-पंजाब के कुछ इलाकों से लेकर जम्मू-कश्मीर में होगी।

लेकिन उसका प्रभाव राजधानी दिल्ली के मौसम पर भी पड़ेगा। जिसमें यहां बारिश होने की भी संभावना है। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में मानसून का प्रवेश अपने निधार्रित समय 18, 19 मई को ही हो रहा है। केवल केरल में ही देरी हो रही है, जिसके पीछे मानसून को आगे बढ़ाने वाले दवाब यानि फ्लो में कमी वजह हो सकती है।

जनता परखे विश्वसनीयता

मौसम की भविष्यवाणी जारी करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट द्वारा हाल ही में 4 जून को केरल में मानसून के आगमन की जानकारी देने और इस काम में मौसम विभाग के पिछड़ने को लेकर डॉ़ रमेश ने कहा कि स्काईमेट की भविष्यवाणी को लेकर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। मौसम विभाग की भविष्यवाणी हमारे संसाधनों के गहन अध्ययन-विश्लेषण पर आधारित है।

इसके पहले स्काईमेट ने बीते फरवरी के महीने में कहा था कि इस साल भारत में सामान्य मानसून होगा और उसके बाद अप्रैल के महीने में औसत से कम मानसून की भविष्यवाणी की थी। लेकिन मौसम विभाग ने इन दोनों का ही कोई संज्ञान नहीं लिया है। अब आम-जनता को इस बात को परखना है कि कौन सही है, कौन गलत। यहां पर मैं फेनी चक्रवात का उदाहरण बताना चाहूंगा।

जिसमें पूरी दुनिया ने मौसम विभाग की भविष्यवाणी की तारीफ की थी। हमारी भविष्यवाणी की वजह से ही 12 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक वक्त रहते ही पहुंचा दिया गया था और जानमाल का नुकसान भी प्रभावित राज्यों में काफी कम हो गया था। बीते 14 वर्षों में (2005-18 तक) केवल एक बार 2015 में विभाग की भविष्यवाणी गलत साबित हुई थी। जिसमें आईएमडी ने केरल पहुंचने की तारीख 30 मई बताई थी। लेकिन मानसून 5 जून को पहुंचा था।

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