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चुनाव डे 2019: जानें क्या होते हैं पोस्टल बैलेट पेपर, ईवीएम से पहले होती है इनकी गिनती

लोकसभा चुनाव के मतगणना का दिन 23 मई गुरुवार आज है। लोकसभा की 543 में 542 सीटों पर चुनाव के लिये सात दौर की मतगणना के बाद सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई है। इस बार चुनावी मैदान में पीएम मोदी और उनके 36 केंद्रीय मंत्रियों समेत 13 पूर्व मुख्यमंत्रियों और 8046 उम्मीदवार है जिनके भाग्य का आज फैसला होना है। कौन होंगे वो लोग जिन्हें जनता चुनकर संसद भेजेगी। लेकिन ईवीएम से पहले पोस्टल बैलेट पेपर की गिनती होती है। आइए जानते हैं क्यों होते हैं पोस्टल बैलेट पेपर...

चुनाव डे 2019: जानें क्या होते हैं पोस्टल बैलेट पेपर, ईवीएम से पहले होती है इनकी गिनती

लोकसभा चुनाव के मतगणना का दिन 23 मई गुरुवार आज है। लोकसभा की 543 में 542 सीटों पर चुनाव के लिये सात दौर की मतगणना के बाद सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई है। इस बार चुनावी मैदान में पीएम मोदी और उनके 36 केंद्रीय मंत्रियों समेत 13 पूर्व मुख्यमंत्रियों और 8046 उम्मीदवार है जिनके भाग्य का आज फैसला होना है। कौन होंगे वो लोग जिन्हें जनता चुनकर संसद भेजेगी। लेकिन ईवीएम से पहले पोस्टल बैलेट पेपर की गिनती होती है। आइए जानते हैं क्यों होते हैं पोस्टल बैलेट पेपर...

सबसे पहले बात करते हैं कि पोस्ट बैलेट पेपर की गिनती पहले क्यों होती है। चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक, सबसे पहले पोस्टल बैलेट पेपर की गिनती होती है क्यों कि इनमें मतों की संख्या कम होती है और इन्हें गिनना बहुत ही आसान होता है।

क्या होते हैं पोस्टल बैलेट पेपर

सबसे पहले हम आपको बता दें कि ईवीएम से पहले बैलेट पेपर पर वोट गिरा करते थे उसके बाद डिजिट का दौर बदला तो ईवीएम मशीनों से वोट गिरने और काउंट होने शुरू हुई। पोस्टल बैलेट पेपर बैलेट पेपर की तरह होते हैं। इसके जरिए मतदाता वोट डालता है।

इसकी सुविधा, चुनाव में ड्यूटी करने वाले अधिकारी, पुलिस, सेना के जवानों दी जाती है। वहीं लोग बैलेट पेपर से वोट डालते हैं। पोस्टल बैलेट पेपर से वोट करने के बाद इन सभी को स्केन करके चुनाव आयोग को मेल किया जाता है।

इतना ही नहीं जिन अधिकारियों के पास इलेक्ट्रॉनिक सुविधा नहीं होती है। वो उनके पास डाक सेवा के जरिए मतपत्र भेजा है। अगर कोई इसे रिसीव नहीं करता है तो यह वापस आ जाता है।

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