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हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, जज बोले- संविधान मेरे लिए भगवद गीता

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने मंगलवार को राज्य में बढ़ते हिजाब (Hijab) विवाद को लेकर सुनवाई की।

हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, जज बोले- संविधान मेरे लिए भगवद गीता
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कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने मंगलवार को राज्य में बढ़ते हिजाब (Hijab) विवाद को लेकर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने साफ कहा कि कानून और किसी तर्क से इस मामले पर जाएंगे न कि जुनून या भावनाओं से इस मामले पर सुनवाई करेंगे। हम संविधान से चलेंगे और संविधान मेरे लिए भगवद गीता है। कर्नाटक हिजाब विवाद पर दोपहर तीन बजे फिर शुरू होगी।

वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने कहा कि राज्य यह नहीं कह सकता कि धर्म की अनिवार्य प्रथा क्या है और क्या नहीं। यही संवैधानिक न्यायालयों का एकमात्र अधिकार क्षेत्र है। न्यायाधीश का कहना है कि राज्य बिल्कुल भी निष्कर्ष नहीं निकाल सकता है। कोई भी धर्म राज्य को फिरौती के लिए नहीं पकड़ सकता। मैं इससे सहमत हूं।

न्यायमूर्ति कृष्ण दीक्षित ने मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि हम इस बहस का स्वागत करते हैं। उपनिषदों के अनुसार, ज्ञान को हर जगह से स्वीकार किया जाना चाहिए। अधिवक्ता कालीश्वरम राज ने हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से सिख प्रथाओं के संबंध में आवश्यक धार्मिक अभ्यास से संबंधित कुछ पहलुओं पर लिखा है। अगर कोर्ट को लगता है कि उनके द्वारा दी गई जानकारी उपयोगी हो सकती है तो इसके लिए 15 मिनट के लिए बहस का समय दिया जा सकता है।

एडवोकेट जनरल ने बहस करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया कि यूनिफॉर्म तय करना कॉलेजों का काम है। जो छात्र छूट चाहते हैं वे कॉलेज विकास समिति से संपर्क कर सकते हैं। कॉलेज कैंपस में हिजाब और भगवा शॉल पहनने के मामले की कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कर्नाटक के उडुपी के एमजीएम कॉलेज में हिजाब पहनने को लेकर छात्र समूहों के बीच बवाल हो गया।

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