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International Women's Day: 58 साल की कलावती देवी को मिला 'नारी शक्ति पुरस्कार', जानें उनके संघर्ष की पूरी कहानी

International Women's Day: 8 मार्च को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 15 महिलाओं को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में नारी शक्ति पुरष्कार से सम्मानित किया। उनमें से एक हैं कलावती देवी।

International WomenInternational Women's Day: 58 साल की कलावती देवी को मिला नारी शक्ति पुरस्कार, जानें उनकी पूरी कहानी

International Women's Day: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 58 साल की कलावती देवी को नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वो कानपुर की रहने वाली हैं और पेशे से राजमिस्त्री हैं।

कलावती देवी ने कानपुर में खुले में शौच करने के खिलाफ अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिसके कारण उन्हें राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा यह सम्मान प्राप्त हुआ है।

कौन हैं कलावती देवी

कलावती देवी सीतापुर जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि वो कभी स्कूल भी नहीं जा पाई। उनकी शादी बचपन में ही उनसे पांच साल बड़े युवक से कर दी गई थी। उस समय वो बस 13 साल की थी।

शादी के बाद वो कानपुर के राजा का पुरवा आ गई। उन्होंने देखा कि राजा का पुरवा गंदगी से भरा हुआ है। साथ ही लोगों को खुले में शौच जाने की आदत थी। क्योंकि उस पूरे मोहल्ले में शौचालय का नामोनिशान तक नहीं था।

पहले सामुदायिक शौचालय का निर्माण

एक एनजीओ ने करीब 20 साल पहले शौचालय के लिए लोगों को जागरूक करना शुरू किया। जो कलावती देवी को काफी प्रभावित लगा। वो उनके साथ जुड़ गई और राजमिस्त्री के तौर पर पहले सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया।

बताया जाता है कि उस समय के लोग काफी पुराने ख्यालात के थे। उन्हें शौचालय की कोई जरूरत महसूस नहीं होती थी। क्योंकि उन्हें खुले में ही शौच जाने की आदत हो गई थी। कड़ी मशक्कत के बाद धीरे-धीरे करके लोगों की मानसिकता में बदलाव आने लगा। उन्होंने इस बदलाव के लिए अपनी स्वीकृति दे दी।

4000 से अधिक शौचालय का कर चुकी हैं निर्माण

धीरे-धीरे दूसरी बस्तियों में शौचालय को प्रोत्साहित किया जाने लगा। लोग राजी भी होने लगे। जिसके बाद नगर निगम अधिकारी ने भी आश्वासन दिया कि अगर मोहल्ले के लोग एक तिहाई खर्च उठा सके तो सरकार दो तिहाई पैसा दे देगी। इस मामले में भी लोगों को मनाने में बहुत मेहनत करनी पड़ी। लोग राजी हुए तो बदलाव आने शुरू हो गए।

बताया जाता है कि उन्होंने अपने उम्र के इस पड़ाव तक आते-आते 4000 से अधिक शौचालयों का निर्माण किया है। पति और दामाद के मौत के बाद बेटी और उसके बच्चे भी कलावती के साथ रहने लगे। कई परेशानियां उठाने के बाद भी वो हमेंशा समाज के लिए खड़ी रहीं।

15 महिलाओं को मिला ये सम्मान

राष्ट्रपति भवन में 15 महिलाओं को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति पुरष्कार से सम्मानित किया गया। आज दिल्ली के अपने आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन सभी महिलाओं से मिलेंगे।

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