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भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम समझौते का पालन करने को राजी, सेना ने कही बड़ी बात

भारत और पाकिस्तान के बीच 2003 का युद्ध विराम समझौता भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच हुआ था। हालांकि पाकिस्तान ने कभी भी इस समझौते का पालन नहीं किया और एलओसी पर लगातार तनाव बनाए रखा।

भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम समझौते का पालन करने को राजी, सेना ने कही बड़ी बात
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प्रतीकात्मक तस्वीर। 

भारत और पाकिस्तान लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) पर संघर्ष विराम के लिए राजी हो गए हैं। दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच हॉट लाइन पर 24 और 25 फरवरी की मध्य रात सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान तय हुआ कि 2003 के युद्ध विराम समझौते का कड़ाई से पालन किया जाएगा। किसी भी अप्रत्याशित स्थिति या गलतफहमी को हॉटलाइन संपर्क या फ्लैग मीटिंग व्यवस्था का इस्तेमाल कर दूर किया जाएगा।

भारत और पाकिस्तान के बीच 2003 का युद्ध विराम समझौता भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच हुआ था। हालांकि पाकिस्तान ने कभी भी इस समझौते का पालन नहीं किया और एलओसी पर लगातार तनाव बनाए रखा। हालात का अंदाजा यहां से लगाया जा सकता है कि पिछले साल 2020 में ही पाकिस्तान की ओर से 5137 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया। भारतीय सेना की ओर से हर बार पाकिस्तान को करारा जवाब मिला।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों के बीच 24 और 25 फरवरी की मध्य रात्रि हॉटलाइन पर एलओसी से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान दोनों देशों के बीच 2003 के युद्ध विराम समझौते का पालन करने पर सहमति बनी। भारतीय सेना के अधिकारियों की ओर से गुरुवार को यह जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत-पाक के बीच संघर्ष विराम समझौते का चीन से कोई संबंध नहीं है। संघर्ष विराम की आड़ में कहीं पाकिस्तान दोबारा तो धोखेबाजी नहीं करेगा के सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि हम आशावादी होते हुए भी पूरी तरह से सतर्क हैं। हम हमेशा हर तरह की स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहे हैं। हमें उम्मीद है कि संघर्ष विराम से शांति की प्रक्रिया पटरी पर आएगी।

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