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Independence Day 2020 : जानें 15 अगस्त की आजादी को लेकर जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल ने महात्मा गांधी को लिखे पत्र में क्या भेजा था, बापू नहीं हुए थे शामिल

Independence Day 2020: 15 अगस्त 1947 को भारत 200 साल पुराने अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ। भारत की आजादी में सभी ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और इसका पूरा श्रेय महात्मा गांधी को गया।

Independence Day 2020 :  जानें 15 अगस्त की आजादी को लेकर जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल ने महात्मा गांधी को लिखे पत्र में क्या भेजा था, बापू नहीं हुए थे शामिल
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Independence Day 2020: 15 अगस्त 1947 को भारत 200 साल पुराने अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ। भारत की आजादी में सभी ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और इसका पूरा श्रेय महात्मा गांधी को गया। जिन्होंने अंग्रेजों से भारत को आजाद कराने में एक निर्णायक भूमिका निभाई वैसे महात्मा गांधी के अलावा सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू, जिन्ना और शहीद भगत सिंह, आजाद जैसे लोगों ने भी अपने बलिदान देकर भारत माता को आजादी दिलाई।

लाल किले के प्राचीर से पीएम मोदी देंगे संदेश

इस बार 15 अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं और देश के नाम एक बड़ा संबोधन देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज से 73 साल पहले लाल किले की प्राचीर से जब भारत की आजादी हुई। तब इस निर्णायक लड़ाई के नायक महात्मा गांधी देश की राजधानी दिल्ली से दूर पश्चिम बंगाल में हिंदू मुसलमानों के सांप्रदायिक दंगों को शांत कराने के लिए वहां मौजूद थे।

जब नेहरू और सरदार ने लिखा था महात्मा गांधी को पत्र

इस दौरान जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल ने महात्मा गांधी को आजादी के जश्न में शामिल होने के लिए पत्र भी लिखा था। महात्मा गांधी हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन पर थे। जब तय हो गया कि भारत 15 अगस्त को आज़ाद होगा। तो जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल ने महात्मा गांधी को ख़त भेजा।

नेहरू और सरदार के सवाल में बापू ने दिया था यह जवाब

नेहरू और सरदार के खत में लिखा था कि 15 अगस्त हमारा पहला स्वतंत्रता दिवस होगा। आप राष्ट्रपिता हैं। इसलिए इस आजादी के जश्न में शामिल हूं और अपना आशीर्वाद दें। इसके बाद महात्मा गांधी ने नेहरू और सरदार के खत के सवाल के जवाब में लिखा था कि जब कलकत्ते में हिंदु-मुस्लिम एक दूसरे की जान ले रहे हैं। ऐसे में मैं जश्न मनाने के लिए कैसे आ सकता हूं। मैं दंगा रोकने के लिए अपनी जान दे दूंगा।

भारत के आजादी के अंतिम दिन भी वायसराय ने किया था काम

कहते हैं कि 15 अगस्त 1947 को भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने अपने दफ्तर में काम किया था। जिसके बाद दोपहर में नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल की पूरी लिस्ट दी और बाद में इंडिया गेट के पास प्रिंसेस गार्ड में एक सभा को संबोधित करते हुए भारत को आजादी दी गई थी।

लाल किले पर आतंकी खतरा मंडरा रहा

हर साल स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले के प्राचीर से झंडा फहराते हैं और देश को आजादी के कामयाबी गिनवातेे हैं। आज भारत को आजाद हुए पूरे 73 साल हो चुके हैं। इस दौरान इस बार कोरोना वायरस के चलते लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री के अलावा 200 गेस्ट शामिल होंगे। इसके अलावा लाल किले पर बच्चों के कार्यक्रम और भारतीय सेना के बैंड पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

वहीं दिल्ली एनसीआर में लाल किले पर आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। जिसके बाद दिल्ली पुलिस चौकी हो गई है।

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