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फारूक अब्दुल्ला बोले, मैं सैकड़ों कश्मीरी परिवारों की तुलना में कहीं ज्यादा भाग्यशाली रहा हूं

पिछले साल अगस्त में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को देखते हुए कुछ लोगों को जम्मू-कश्मीर के बाहर की जेलों में रखा गया।

फारूक अब्दुल्ला बोले, मैं सैकड़ों कश्मीरी परिवारों की तुलना में कहीं ज्यादा भाग्यशाली रहा हूं

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि 5 अगस्त के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए महत्वपूर्ण बदलावों का जायजा लेने के लिए, मेरा मानना है कि राजनीतिक विचारों का एक स्वतंत्र और स्पष्ट आदान-प्रदान आवश्यक है। हम अभी भी ऐसे माहौल से कुछ दूर हैं जहां इस तरह का राजनीतिक संवाद संभव हो।

पिछले साल अगस्त में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को देखते हुए कुछ लोगों को जम्मू-कश्मीर के बाहर की जेलों में रखा गया। मैं इस बात से अवगत हूं कि सैकड़ों कश्मीरी परिवारों की तुलना में मैं कहीं ज्यादा भाग्यशाली रहा हूं। मुझे घर पर नजरबंद कर दिया गया था और मेरे परिवार मुझतक पहुंच सकता था। कल जब मैं अपने बेटे उमर से मिलने गया, तो उसे देखने के लिए मुझे अपने घर से एक किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ी।

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा कि इससे पहले कि राजनीति हमें विभाजित करने की अनुमति दें, मैं यहां सभी राजनीतिक नेताओं से अनुरोध करता हूं कि वे केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के सभी बंदियों को बाहर की जेलों में वापस लाने के लिए एकजुट होकर उनकी रिहाई की अपील करें। हम उन सभी की जल्द से जल्द रिहाई देखना चाहते हैं। यह एक मानवीय मांग है और मुझे उम्मीद है कि अन्य लोग इस मांग को भारत सरकार के सामने रखने में मेरा साथ देंगे।

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