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Video : कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, नरेंद्र मोदी-अमित शाह को ईवीएम से चुनाव में हराना मुश्किल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर बड़ा आरोप लगाया है। हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ खास बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में मोदी और शाह की जोड़ी ईवीएम का गलत इस्तेमाल करती है।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, ईवीएम से चुनाव में नरेंद्र मोदी-अमित शाह को हराना मुश्किल Watch Full Interview
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कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और हरिभूमि के प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी

भोपाल। मोदी - शाह की जोड़ी लोकसभा के चुनाव में ईवीएम का गलत उपयोग करती है, जबकि राज्यों के चुनाव में अपनी रणनीति और रुचि के अनुसार कुछ राज्यों में परिणामों को प्रभावित करती तो कुछ को छोड़ देती है। यह आरोप कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने लगाया है। उन्होंने कहा कांग्रेस छोड़कर गए नेताओं को उपचुनाव में जनता सबक सिखाएगी और 24 सीटें कांग्रेस जीतेगी। वहीं मोदी सरकार को उन्होंने आजाद भारत की सबसे विफल सरकार बताया है।

सवाल - दिग्विजय सिंह से भाजपा को सबसे ज्यादा नफरत है, क्यों ।

जवाब - भाजपा सच्चाई का सामना करना नहीं चाहती, उसकी रणनीति का मुख्य अंग है लोगों को गुमराह करना। मैं तथ्यों के आधार पर बात करता हूं, जिससे उनकी पोल खुल जाती है, इसलिए वे मुझे गाली देने लगते हैं।

सवाल - भाजपा देश पर राज कर रही है और कांग्रेस सत्ता से बाहर है, क्या कारण मानते हैं।

जवाब - जब तक ईवीएम से चुनाव होंगे, इनको हराना मुश्किल है। दुनिया में जितने भी प्रजातांत्रिक देश हैं, उनमें ईवीएम का उपयोग नहीं होता है। मोदी - शाह की जोड़ी इस खेल में माहिर है। राज्यों को लेक ये अपनी रणनीति और इंट्रेस्ट के अनुसार उपयोग करती है। कोरोना संक्रमण काल में हमारी चुनाव आयोग से मांग है कि ईवीएम का बटन दबाने से संक्रमण की आशंका है, इसलिए मप्र, बिहार के उपचुनाव बैलेट से कराए जाएं।

सवाल - राष्ट्रीय नेतृत्व के स्तर पर मोदी-शाह के मुकाबले कांग्रेस में कमजोरी है, क्या कांग्रेस की हार में एक बड़ा कारण है।

जवाब - कांग्रेस एक मूवमेंट है, कॉडरबेस पार्टी नहीं है। कांग्रेस में संगठन के स्तर पर कुछ कमजोरी जरूर है, इसको कांग्रेस के लोग समझते हैं। लेकिन राज्यों में जब-जब चुनाव हुए हैं, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, बंगाल में देखिये इन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली है, लेकिन लोकसभा में ये लोग पहले बता देते हैं, कि कितनी सीटें आएंगी और वही होता है।

सवाल - क्या दिग्विजय सिंह नहीं मानते कि लोकसभा चुनाव में एक तरफ मोदी, तो दूसरे तरफ राहुल गांधी में से जनमत मोदी की तरफ रहा है।

जवाब - जिस सीट को विधानसभा में हमारे विधायकों ने 15 से 20 हजार वोटों से जीता, उसी सीट को चार महीने बाद लोकसभा में इन्होंने कांग्रेस को 60 से 70 हजार वोटों से हरा दिया। अगर इतनी नाराजगी होती तो जनता हमें गांव में घुसने नहीं देती। यह ईवीएम का खेल है।

सवाल - क्या मोदी शाह का मुकाबला करने में कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व सक्षम है या बदलाव होना चाहिए।

जवाब - कांग्रेस सक्षम है, इन्होंने झूठ का अभियान चलाया, जुमलेबाजी करते हैं, प्रधानमंत्री मोदी को देश के इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र का ज्ञान नहीं है, वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में मोदी ने कहा मुझे देश की 600 करोड़ जनता ने जिताया।

सवाल - आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन है, फिर दिग्विजय सिंह को उससे इतनी नाराजगी क्यों है।

जवाब - मुझे एक बात को लेकर परेशानी है, इस देश में इतनी विविधता है कि हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई में बांटकर देश पर राज नहीं किया जा सकता। सनातन संस्कृति में इस विचार की महत्ता नहीं है। यही फर्क है इनके हिंदुत्व और सावरकर की विचारधारा में।

सवाल - आप देश में एक हिंदू विरोधी या मुस्लिम परस्त नेता के रूप में स्थापित हो गए, कैसा लगता है।

जवाब - न मैं हिंदू विरोधी हूं, न मुस्लिम परस्त। ये लोग मुझे बदनाम करने में सफल हो गए हैं। मेरे खिलाफ आरएसएस ने पांच मुकदमे दर्ज कराए, एक एमआईएम ने, एक बाबा रामदेव ने दर्ज कराया, लेकिन मुझे इनकी चिंता नहीं है, क्योंकि सब झूठे मुकदमे हैं।

सवाल - आपको राजनीति का चाणक्य माना जाता रहा है, लेकिन राजनीतिक स्तर पर इनके खिलाफ फेल कैसे हो गए और ये आपको बदनाम करने में सफल हो गए।

जवाब - मेरी चाणक्य से तुलना गलत है, मैं उनके पैरों की धूल भी नहीं हूं। संघ में अफवाह फैलाने की ट्रेनिंग दी जाती है। सोशल मीडिया पर ये लोग नेहरू को मुसलमान बना दें, दिग्विजय सिंह को राष्ट्रविरोधी बता दें, मोदी को भगवान का नेता बना दें।

सवाल - कांग्रेस में खराब परिस्थितियों में भी इतने लंबे समय से अंतरिम अध्यक्ष काम कर रहा है, क्या गांधी परिवार से बाहर एक नेता भी तैयार नहीं कर पाए, जिसे अध्यक्ष बनाया जा सके।

जवाब - कांग्रेस के संविधान में अंतरिम अध्यक्ष का नियम नहीं है। जो लोग कांग्रेस को सुधारने की बात कह रहे हैं, मैं उनसे कहता हूं, वे कांग्रेस के सदस्य बन जाएं, अध्यक्ष का चुनाव लड़ें और फिर कांग्रेस को मजबूत करें। कांग्रेस से बाहर रहकर इसे सुधारने की बात न करें।

सवाल - मोदी के चीन से निपटने के तरीके, अर्थव्यवस्था को लेकर उठाए गए कदम को किस रूप में देखते हैं।

जवाब - मोदी आजाद भारत के सबसे विफल प्रधानमंत्री साबित हुए हैं। आज हमसे पड़ौसी देश नाराज हैं, अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है। कोविड की बात करें तो मोदी चीन का नाम लेने से डरते हैं। उन्होंने टिक टॉक तो बंद कर दिया, लेकिन चीन की सेना जो हमारी सीमा पर बैठी है, यह बात मैं नहीं कह रहा, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री कह रहे हैं, रक्षा अधिकारियों के स्तर पर बात हो रही है, लेकिन उससे निपट नही ं पा रहे हैं। अगर चीन की सेना ने हमारी सीमा में प्रवेश नहीं किया तो हमारे बीस सैनिक कहां मारे गए, हमारे दस सैनिकों को किसने, कहां पकड़ा था, जो बाद में छोड़े गए। इसका स्पष्टीकरण तो दें।

सवाल - 15 साल संघर्ष के बाद मप्र में कांग्रेस को सत्ता मिली थी, लेकिन 15 महीने भी संभाल नहीं पाए, दोषी कौन है।

जवाब - जनमत हो हमको मिला था, किसी को उम्मीद नहीं थी कि हमारे जनप्रतिनिधि बिक जाएंगे। उम्मीद नहीं थी कि इतना सम्मान कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिया, वो कांग्रेस छोड़कर चले जाएंगे। इतिहास बताएगा कौन सही है, कौन गलत। 16 साल कांग्रेस में बड़े पदों पर रहे, केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय महासचिव आदि, सोनिया गांधी परिवार के निकट संबंध थे, फिर भी सिंधिया उन्हें धोखा देकर भाजपा में चले गए। वो शिवराज को कहते थे कि शिवराज आपके हाथ खून से रंगे हैं, अब उसका ही साथ दे रहे। वे अतिमहत्वाकांक्षी हैं।

सवाल - 24 सीटों पर उपचुनाव में पार्टी के लिए क्या संभावना देखते हैं।

जवाब - 22 सीटों पर उन लोगों के प्रति जनता के मन में नाराजगी है, जिन्हें जनता ने चुना था, वो जनमत को धोखा देकर चले गए। लोग घर-घर में चर्चा कर रहे हैं, कि ये ऐसे नहीं गए, 25 से 35 करोड़ रुपये लिए हैं। कोई यह मानने तैयार नहीं कि पैसे नहीं लिए। अगर सही तरीके से हमने वोट डलवा लिए तो हम 24 सीटें जीत सकते हैं।

सवाल - एक मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह के बारे में आपकी क्या राय है।

जवाब - शिवराज जब - जब सीएम बनते हैं, वे नियम कानून को ताक पर रखकर काम करते हैं। वे अवैध रेत खनन के बादशाह और सबसे बड़े संरक्षक हैं, शायद इसीलिए उन्होंने कार्यकतार्ओं की बैठक में कहा कि अगर कमलनाथ सरकार रहती तो हमें बर्बाद कर देती। बुदनी के आदिवासी परिवारों को जमीन अधिग्रहण में साढ़े चार करोड़ रुपये मुआवजा मिला, अनपढ़ गरीबों को बरगलाकर चिटफंड कंपनी में चार साल में दोगुना होने का झूठा आश्वासन देकर लोगों ने रकम जमा करवा दी, बाद में 1 पैसा भी उन्हें नहीं मिला। उन गरीबों को न्याय दिलाने मैने लड़ाई लड़ी, एक साल तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने दी गई, आखिरकार न्यायालय जाना पड़ा। देवास में अवैध उत्खनन रोकने गए डीएसपी की माफियाओं ने पिटाई कर दी।

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