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चीनी वीजा मामले में कार्ति चिदंबरम को बड़ी राहत, कोर्ट ने लगाई गिरफ्तारी पर रोक

दिल्ली के रोज अवेन्यू कोर्ट (Rose Avenue Court) ने चीनी वीजा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ( Karti Chidambaram) को गिरफ्तारी (Arrest) से अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने यह अंतरिम सुरक्षा 30 मई तक दी है।

चीनी वीजा मामले में कार्ति चिदंबरम को बड़ी राहत, कोर्ट ने लगाई गिरफ्तारी पर रोक
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दिल्ली के रोज अवेन्यू कोर्ट (Rose Avenue Court) ने चीनी वीजा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ( Karti Chidambaram) को गिरफ्तारी (Arrest) से अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने यह अंतरिम सुरक्षा 30 मई तक दी है। एक दिन पहले ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने गुरुवार को आवेदक कार्ति चिदंबरम को 30 मई, 2022 तक उनकी अग्रिम जमानत पर सुनवाई करते हुए अंतरिम सुरक्षा प्रदान की और प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) को नोटिस भी जारी किया। बता दें कांग्रेस नेता पर 263 चीनी नागरिकों को वीजा दिलाने के लिए घोटाला करने का आरोप है।

यह कथित घोटाला तब हुआ जब उनके पिता पी चिदंबरम (P Chidambaram) गृहमंत्री थे। दरअसल कार्ति चिदंबरम और उनके सहयोगी एस भास्कररमन(S Bhaskararaman) पर आरोप हैं कि उन्होंने चीन के नागरिकों को पैसे लेकर वीजा दिलवाया था। वह पंजाब में वेदांता समूह की बिजली परियोजना के लिए भारत आना चाहते थे। उस समय कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्र में गृह मंत्री थे।

राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिलने से कुछ घंटे पहले कार्ति चिदंबरम इसी घोटाले से जुड़ी जांच के सिलसिले में सीबीआई मुख्यालय में पेश हुए थे. जहां एक विशेष अदालत ने उन्हें यूके और यूरोप से लौटने के 16 घंटे के भीतर सीबीआई जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। वह सुप्रीम कोर्ट और स्पेशल कोर्ट की अनुमति से विदेश यात्रा पर गए थे।

ये हैं मामला

यह मामला इन आरोपों से जुड़ा है कि कार्ति और उनके करीबी एस भास्कररमन को वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के एक शीर्ष अधिकारी ने 50 लाख रुपये रिश्वत दी थी, जो पंजाब में एक बिजली संयंत्र स्थापित कर रहा था। सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है कि वहां काम कर रहे 263 चीनी कामगारों को प्रोजेक्ट वीजा दोबारा जारी किया गया।

एजेंसी इस मामले में भास्कररमन को पहले ही हिरासत में ले चुकी है। सीबीआई के मुताबिक, बिजली परियोजना के इंस्टालेशन का काम एक चीनी कंपनी कर रही थी, जो तय समय से पीछे चल रही थी। सीबीआई की प्राथमिकी के अनुसार, टीएसपीएल के एक कार्यकारी ने 263 चीनी कामगारों को परियोजना वीजा फिर से जारी करने की मांग की थी, जिसके लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये का आदान-प्रदान किया गया था।

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