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समुद्री सुरक्षा की अहमियत का जिक्र करते हुए अजीत डोभाल बोले- महासागर हमारे लिए बहुत बड़ी संपत्ति, हमें सतर्क रहकर...

सुरक्षा के मुख्य सिद्धांतों के साथ, हमारी कमजोरियां हमारी संपत्ति के सीधे आनुपातिक हैं।

समुद्री सुरक्षा की अहमियत का जिक्र करते हुए अजीत डोभाल बोले- महासागर हमारे लिए बहुत बड़ी संपत्ति, हमें सतर्क रहकर...
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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor- NSA) अजीत डोभाल ने गुरुवार को समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों पर चर्चा करने के लिए बहु-एजेंसी समुद्री सुरक्षा समूह (Multi-agency Maritime Security Group) की पहली बैठक में हिस्सा लिया। बैठक (Meeting) की अध्यक्षता राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल सेवानिवृत्त अशोक कुमार (Vice Admiral Retd G Ashok Kumar) ने की।

बैठक के दौरान एनएसए अजीत डोभाल (NSA Ajit Doval) ने समुद्री सुरक्षा की अहमियत का जिक्र करते हुए कहा कि हिंद महासागर हमारे लिए बहुत बड़ी संपत्ति है। हमें सतर्क रहकर इसकी रक्षा करने होगी। सुरक्षा के मुख्य सिद्धांतों के साथ, हमारी कमजोरियां हमारी संपत्ति के सीधे आनुपातिक हैं। हम जितना अधिक विकास करेंगे, उतनी ही अधिक संपत्ति बनाएंगे, हम उतने ही समृद्ध होंगे और उतनी ही अधिक सुरक्षा की जरूरत होगी। साथ ही कहा कि समुद्री सुरक्षा तंत्र से जुड़ी हुई सभी एजेंसियों, अन्य हितधारकों को भारत की प्रगति और विकास के समग्र दृष्टिकोण के साथ आपसी समन्वय स्थापित करना चाहिए।

एनएसए अजीत डोभाल ने आगे कहा कि भारत का समय आएगा। हमें एक राष्ट्र के तौर पर मजबूत होना होगा। इसमें तटीय और समुद्री सुरक्षा बहुत अहम रोल अदा करेगी। एनएसए ने जमीनी बॉर्डर और समुद्री बॉर्डर (Land Border And Sea Border) की अलग अलग चुनौतियां का जिक्र करते हुए कहा, पहले समुद्री सुरक्षा को लेकर काम तो हुआ लेकिन जितनी चुनौतियां (Challenges) थी उस हिसाब से प्रयास पूरे नहीं हुए।

अजीत डोभाल (Ajit Doval) ने आगे कहा कि हम जानते हैं, हम कहां पहुंच रहे हैं। अगर हमारे पास एक बहुत मजबूत समुद्री प्रणाली नहीं होगी, तो समय आने पर भारत वह शक्ति नहीं बन पाएगा, जिसका राष्ट्र हकदार है। समुद्री सुरक्षा मजबूत करने का यही ठीक समय है।

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