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JEE परीक्षा में शामिल नहीं हो सके बंगाल के 75 फीसदी छात्र, ममता ने केंद्र सरकार पर कसा तंज

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जेईई और नीट एग्जाम को लेकर 75 फिर से छात्रों के नहीं पहुंचने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

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ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जेईई और नीट एग्जाम को लेकर 75 फिर से छात्रों के नहीं पहुंचने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस वक्त छात्र मुश्किल भरे दौर में है। राज्य के 75 फीसदी भी छात्र 'इंट एंट्रेंस एग्जामीनेशन' (जेईई) मेन्स और राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) देने के लिए नहीं पहुंचे थे।।

ममता बनर्जी ने दावा किया है कि लगातार केंद्र सरकार की तरफ से एग्जाम कराने के आदेश को लेकर इसका विरोध किया गया। लेकिन 75 फीसदी छात्र एग्जाम देने से चूक गए। सिर्फ राज्य के 25 छात्र ही एग्जाम दे सकें। जानकारी के लिए बता दें कि ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से नीट और जेई एग्जाम को टालने के लिए आग्रह किया था।

उन्होंने कहा था कि कोरोना संकट में परीक्षा तब तक आयोजित ना कि जब तक कि हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते हैं। महामारी की वजह से राज्य के 75 प्रतिशत अभ्यर्थी भाग नहीं ले सके और अन्य राज्यों में भी सिर्फ आधे विद्यार्थी ही अपने केन्द्रों पर पहुंचे. इसके लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के 'अहंकार' को जिम्मेदार ठहराया।

ममता बनर्जी ने कहा कि अभी छात्र पूरी तरह से मुश्किल भरे दौर में है और ऐसे में एग्जाम नही दे सकते हैं। हमें केंद्र सरकार के आग्रह किया था कि सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाए और मामले पर फिर से विचार किया जाए। बीते मंगलवार को पश्चिम बंगाल में नीट और जो एग्जाम हुआ। जिसमें सिर्फ राज्य के 25 फीसदी छात्र ही शामिल हुए और इसमें 75 फीसदी छात्र एग्जाम नहीं दे सके।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिनों नीट और जेईई एग्जाम को लेकर कांग्रेस समेत 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक की थी। जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए कहा था। यह बैठक जी और नीट एग्जाम को टालने के लिए कहा गया था कि अभी कोरोना काल चल रहा है और ऐसे में अब तक हालात सामान्य नहीं होते है। हम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते हैं।

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