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संसद के विशेष सत्र में लाया गया महिला आरक्षण बिल लोकसभा में बहुमत मिलने के बावजूद पास नहीं हो सका। 21 घंटे की लंबी चर्चा के बाद हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, लेकिन संविधान संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह प्रस्ताव गिर गया।

इस नतीजे ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है। सरकार विपक्ष पर सहयोग न करने का आरोप लगा रही है, वहीं विपक्ष इसे अधूरी तैयारी और राजनीतिक रणनीति बता रहा है।

महिला आरक्षण जैसे अहम मुद्दे पर सहमति न बन पाना कई बड़े सवाल खड़े करता है...

सबसे बड़ा सवाल यही है-

क्या महिला आरक्षण बिल सच में गंभीर प्रयास था या सिर्फ चुनावी संदेश?

इसी मुद्दे पर हरिभूमि और INH के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ विशेष चर्चा में राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ पत्रकारों ने अपनी राय रखी।

Debate Panel

  • अजय शुक्ला – वरिष्ठ पत्रकार
  • डॉ. पूजा त्रिपाठी – प्रवक्ता, कांग्रेस
  • माधवी अग्रवाल – प्रवक्ता, भाजपा
  • यश भारती – प्रवक्ता, सपा

महिला आरक्षण बिल पर किसने क्या कहा? ऊपर दिए गए वीडियो में देखें पूरी चर्चा

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