लोकसभा में शुक्रवार को उस समय माहौल अचानक गरमा गया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें “बालाकोट, नोटबंदी और ऑपरेशन सिंदूर का जादूगर” कह दिया। इस बयान के बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया और बीजेपी सांसदों ने कड़ा विरोध जताया।
राहुल गांधी महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधनों और परिसीमन आयोग को लेकर चल रही बहस में हिस्सा ले रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के ये कदम घबराहट में उठाए गए हैं। उनके मुताबिक बीजेपी को पहले से अंदाजा था कि ये विधेयक आसानी से पास नहीं होंगे, क्योंकि विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।
🔹 This is not a women’s Bill.
— Congress (@INCIndia) April 17, 2026
🔹 It's an attempt to change the electoral map of India, using and hiding behind India’s women.
🔹 I want to assure my friends, brothers, and sisters across the country - do not worry. We are not going to allow them to attack the Union of India.… pic.twitter.com/ppe6S4iHjQ
अपने भाषण में उन्होंने आरोप लगाया कि इन फैसलों के पीछे दो मकसद हैं- एक, चुनावी नक्शे को अपने हिसाब से बदलना और दूसरा, प्रधानमंत्री की छवि को महिला समर्थक नेता के रूप में पेश करना। इसी दौरान उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि “जादूगर अब पकड़ा जा चुका है” और बालाकोट एयर स्ट्राइक, नोटबंदी और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने इसे प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी न सिर्फ प्रधानमंत्री का अपमान है, बल्कि सेना से जुड़े अभियानों का जिक्र करके सेना का भी अपमान किया गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कड़ी आपत्ति जताते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मांग की कि इस टिप्पणी को कार्यवाही से हटाया जाए। स्पीकर ने भी हस्तक्षेप करते हुए साफ कहा कि सदन में इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी और राहुल गांधी को बहस के मुद्दे पर केंद्रित रहने की सलाह दी।
इसके बाद राहुल गांधी ने “जादूगर” शब्द का इस्तेमाल न करने की बात मान ली, लेकिन उन्होंने बीजेपी पर हमला जारी रखा। उन्होंने कहा कि सरकार खुद को देश और सेना के बराबर दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि वह सिर्फ एक राजनीतिक दल है।
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने माहौल को हल्का करते हुए एक मजाक भी किया। उन्होंने कहा कि हम सभी अपनी मां, बहनों और पत्नियों से प्रभावित होते हैं, लेकिन उनके और प्रधानमंत्री के पास “पत्नी वाला इनपुट” नहीं है। इस टिप्पणी पर सदन में ठहाके गूंज उठे और कुछ देर के लिए माहौल हल्का हो गया।
यह पूरा घटनाक्रम संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश होने के एक दिन बाद सामने आया है। इस विधेयक के जरिए महिला आरक्षण कानून में बदलाव और परिसीमन से जुड़े प्रावधानों को लागू करने की तैयारी है। खास तौर पर दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, राहुल गांधी के इस बयान ने लोकसभा में राजनीतिक माहौल को फिर गर्म कर दिया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जबकि विपक्ष सरकार के कदमों को चुनावी रणनीति बता रहा है।









