नई दिल्ली: फरवरी के आखिरी सप्ताह में ही सूरज के तेवर तल्ख होने लगे हैं। उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुँच गया है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश व ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली-एनसीआर में फरवरी में ही 'लू' जैसी तपिश का अहसास
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है, जो फरवरी के औसत तापमान से काफी अधिक है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक के बावजूद दिन में चटक धूप के कारण लोगों को पसीने छूट रहे हैं। प्रदूषण के स्तर में कमी लाने के लिए 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है, जिससे आसमान साफ रहेगा।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ से नोएडा तक बढ़ेगा पारा और आंधी का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना हुआ है और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ जैसे जिलों में धूल भरी आंधी और बादलों की आवाजाही को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी लखनऊ, आगरा और कानपुर में न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की वृद्धि हुई है, जिससे रात की ठंड अब कम हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक गर्मी का यह सिलसिला जारी रहेगा।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर
हिमालयी क्षेत्रों में एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। चमोली, उत्तरकाशी और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले जिलों में भारी हिमपात की संभावना है, जबकि निचले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे बढ़ते तापमान पर थोड़ा अंकुश लग सकता है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि की चेतावनी
एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन और विपरीत दिशा से आने वाली हवाओं के संगम के कारण मध्य भारत के मौसम में हलचल तेज हो गई है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों और मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ ओले गिरने की प्रबल संभावना है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश और बिजली गिरने का पूर्वानुमान है, जिससे तैयार फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई गई है।
दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी और बारिश का अलर्ट
केरल, तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में मानसून पूर्व की गतिविधियों के कारण मौसम सुहावना बना रहेगा। इन राज्यों में गरज के साथ बौछारें पड़ने, तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे दक्षिण-पूर्वी तटों के पास गहरे समुद्र में जाने से बचें।









