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केरल के त्रिशूर में पूरम उत्सव से पहले आतिशबाज़ी यूनिट में भीषण विस्फोट, 13 की मौत और करीब 27 घायल हैं। हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल।

केरल के त्रिशूर (Thrissur) जिले में मंगलवार को  एक भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। मुंडथिकोडे क्षेत्र में स्थित एक आतिशबाज़ी निर्माण और भंडारण यूनिट में अचानक हुए इस धमाके में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27  लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिसमें 5 की हालत नाजुक बनी हुई है। बता दें कि जिस समय हादसा हुआ, वहां करीब 40 लोग मौजूद थे, जो पटाखे बना रहे थे। 

जानकारी के अनुसार, यह यूनिट त्रिशूर पूरम (Thrissur Pooram) महोत्सव के लिए आतिशबाज़ी तैयार कर रही थी। हादसे के वक्त कई मजदूर यूनिट के अंदर काम कर रहे थे। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के कई घरों और इमारतों को नुकसान पहुंचा, खिड़कियों के शीशे टूट गए और दूर तक धमाके की आवाज सुनी गई। मौके पर उठता घना धुआं और आग की लपटें लोगों में दहशत फैलाने के लिए काफी थीं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को त्रिशूर मेडिकल कॉलेज सहित आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने एहतियातन पूरे इलाके को सील कर दिया है।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट का कारण असुरक्षित भंडारण, रसायनों के मिश्रण में लापरवाही या तकनीकी खामी हो सकता है। हालांकि, आधिकारिक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि पीएम मोदी ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, इस भीषण विस्फोट में घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

इस हादसे पर कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल (K. C. Venugopal) ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पूरम जैसे बड़े सांस्कृतिक उत्सव से ठीक पहले हुई यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने राज्य सरकार से घायलों को बेहतर इलाज और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने की मांग की।

गौरतलब है कि केरल में आतिशबाज़ी हादसों का इतिहास रहा है। कोल्लम पुत्तिंगल मंदिर अग्निकांड 2016 जैसी बड़ी त्रासदी आज भी लोगों को याद है, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। ऐसे में एक बार फिर सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा और डर दोनों है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या बड़े आयोजनों से पहले सुरक्षा जांच पर्याप्त रूप से नहीं की जाती? प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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