मुंबई से एक बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख और अनुभवी नेता शरद पवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा सांसद शरद पवार को दो दिन पहले नियमित स्वास्थ्य जांच तथा फॉलो-अप के लिए अस्पताल में एडमिट किया गया था।
डॉक्टरों की सतर्क निगरानी में उनका इलाज जारी है और राहत की बात यह है कि फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। अस्पताल सूत्रों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि यह कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है, बल्कि उनकी उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए की जाने वाली रूटीन चेकअप का ही हिस्सा है। चिकित्सकों का कहना है कि चिंता की कोई बड़ी बात नहीं है और वे जल्द ही सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं।
इससे पहले भी शरद पवार 28 फरवरी को इसी ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हो चुके थे। हाल के महीनों में उनकी सेहत को लेकर कुछ चिंताएं रही हैं। उन्होंने सीने में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के चलते पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भी इलाज कराया था। वहां उन्हें हल्के निर्जलीकरण (माइल्ड डिहाइड्रेशन) और खांसी-गले की संक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी और सार्वजनिक कार्यक्रमों को सीमित रखने का सुझाव दिया था, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ इम्यूनिटी प्रभावित होती है।
STORY | Sharad Pawar hospitalised in Mumbai
— Press Trust of India (@PTI_News) April 21, 2026
NCP (SP) president and Rajya Sabha member Sharad Pawar has been admitted to a private hospital in Mumbai for a health check-up, sources said on Tuesday.
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हाल ही में शरद पवार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की थी। इस समारोह में वे व्हीलचेयर पर नजर आए थे, जो उनकी स्वास्थ्य स्थिति को दर्शाता था। शपथ ग्रहण राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी उपस्थित थे। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में उनकी सेहत को लेकर चर्चा तेज कर दी थी।
इसी बीच, महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के एक हालिया बयान को लेकर भी हलचल मची हुई थी। वारकरी परंपरा में ‘विभाजनकारी तत्वों’ के प्रवेश को लेकर उन्होंने जो चिंता जताई थी, उस पर काफी विवाद खड़ा हो गया।
उनके इस बयान का कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने समर्थन किया, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यह गलत जानकारी पर आधारित है। हालांकि, इस राजनीतिक बहस के बीच अब सबकी नजरें पवार साहब की सेहत पर टिकी हुई हैं।
शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति के स्तंभ माने जाते हैं। 85 वर्ष की उम्र में भी वे सक्रिय रहते हैं और विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। उनकी पार्टी और समर्थक उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है और डॉक्टर नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राजनीतिक नेताओं और आम जनता दोनों ही उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं, लेकिन चिकित्सकों के आश्वासन से उम्मीद जगी है कि वे शीघ्र ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर राजनीतिक गतिविधियों में वापसी करेंगे।










