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राजस्थान SI भर्ती पेपर लीक (Rajasthan Paper Leak) मामले में गठित SIT ने बड़ा एक्शन लेते हुए 15 ट्रेनी पुलिस अफसरों को गिरफ्तार किया है। साथ ही इस मामले में 40 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

राजस्थान SI भर्ती पेपर लीक (Rajasthan Paper Leak) मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ा एक्शन लिया है। सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 (SI Recruitment Exam 2021) के टॉपर के साथ ही 15 ट्रेनी पुलिस अफसरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हिरासत में लिए गए ट्रेनी अफसरों में 9 पुरुष और 6 महिलाएं हैं। यह सभी राजस्थान पुलिस एकेडमी में ट्रेनिंग ले रहे थे। सोमवार की देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद गिरफ्तार हुए सभी प्रशिक्षु असफसरों से पूरी रात पूछताछ की गई। इसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही मंगलवार को इस मामले में 40 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने दी जानकारी 
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) ने SIT के इस एक्शन के बारे में X के जरिए जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'मोदी की गारंटी यानी की गारंटी पूरी होने की गारंटी है। यह नए भारत का नया राजस्थान है और पेपर लीक पर लगाम कसी जा रही है। पेपरलीक को रोकने के लिए गठित SIT ने बड़ी कामयाबी हासिन की है। राजस्थान SI भर्ती पेपर लीक 2021 माले में 25 लोगाें को हिरासत में लिया गया है। इनमें परीक्षा में टॉपर करने वाले समेत 15 संदिग्ध प्रशिक्षु अफसर शामिल हैं। ये सभी फिलहाल RPTC किशनगढ़ और RPA जयपुर में ट्रेनिंग ले रहे हैं।  SOG और SIT इनसे पूछताछ कर रही है।

किसकी निशानदेही पर पकड़े गए प्रशिक्षु अफसर

इस मामले में सभी संदिग्ध प्रशिक्षु अफसरों को  पेपर लीक कराने के मास्टरमाइंड जगदीश बिश्नोई की निशानदेही पर पकड़ा गया है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग जोरों से उठाई जा रही है। 'X' पर #राजस्थान_SI_भर्ती_रद्द_करो ​​​​​​ट्रेंड करने लगा है। बड़ी तादाद में स्टूडेंट्स परीक्षा को रद्द करने और फिर से वैकेंसी निकालने की मांग कर रहे हैं। यही छात्र अब सोशल मीडिया पर राजस्थान SI भर्ती रद्द करो  कैंपेन चला रहे हैं। बता दें कि बीते तीन साल से राजस्थान के स्टूडेंट्स इस परीक्षा में हुई धांधली को लेकर एक्शन करने की मांग कर रहे हैं। राजस्थान में बीजेपी सरकार बनने के बाद इस दिशा में कदम उठाया जा रहा है। धांधली अशोक गहलोत की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई थी। 

कौन है पेपर लीक का मास्टरमाइंड
राजस्थान पेपर लीक का मास्टरमांइड जगदीश बिश्नोई है। यह पेपर लीक कराने वाले माफियाओं के बीच 'गुरु' के नाम से मशहूर है। बिश्नोई पहले सरकारी स्कूल का टीचर था। साल 2003-2004 में इसने अपनी नौकरी छोड़ दी और पर्चा लीक कराने का काम फुल टाइम करने लगा। पुलिस की मानें तो बिश्नोई इतना शातिर है कि  छद्म नाम से पूरी धोखाधड़ी ऑपरेट कर रहा था। इसने कभी  'बहुरूपिया' तो कभी  'डमी उम्मीदवार' के नाम से पेपर लीक किया। इसके बाद धीरे-धीरे ब्लूटूथ के जरिए पेपर लीक और अभ्यर्थियों को एग्जाम हॉल के अंदर नकल करवाने का काम करने लगा। ऐसे एक-एक सीढ़ी चढ़ते हुए पेपर लीक का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड बन गया। 

करीब 700 पुलिसकर्मियों की नौकरी जाने की आशंका
पुलिस सूत्रों के हवाले से मीडिया में आई खबरों के मुताबिक बिश्नोई ने धांधली करने वालों की अलग-अलग तरीके से कभी कॉम्पटीटर्स को मात देने तो कभी उनकी मदद करने में शामिल रहा। वह प्रतियोगी परीक्षाओं का पर्चा लीक कराने में इतना माहिर हो गया कि इस धांधलीबाजी के खेल से जुड़े लोग उसे गुरु बुलाने लगे। अब इस मामले में ट्रेनी पुलिस अफसरों की गिरफ्तारी होने के बाद सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के जरिए सेलेक्ट हुए करीब 700 पुलिसकर्मियों की नौकरी जाने की आशंका है। 

किस तरह हुई प्रशिक्षु पुलिस अफसरों की गिरफ्तारी
एडीजी वीके सिंह के मुताबिक, मामले में गिरफ्तारी की डर से कुछ ट्रेनी अफसर फरार हो गए हैं। FIR दर्ज होने के बाद से तीन एसआई पुलिस अकादमी से गैर हाजिर मिले हैं। इस मामले में महिला ट्रेनी चंचल बिश्नोई को किशनगढ़ स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, टॉपर नरेश कुमार उर्फ नरेश खिलेड़ी को बाड़मेर से और एक अन्य प्रशिक्षु अफसर को सांचौर से गिरफ्तार किया गया। तीनों को अरेस्ट करने के बाद एसआईटी की टीम पुलिस अकादमी पहुंची और वहां 12 अन्य प्रशिक्षु अफसरों को भी हिरासत में ले लिया गया। अब पेपर लीक से जुड़ी कुछ और गुत्थियां सुलझाने की कवायद जारी है। 

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