नई दिल्ली : फरवरी के आखिरी दिनों में देश का मौसम दो हिस्सों में बंट गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने एक तरफ हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 12 राज्यों में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है, तो वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में सूरज के तीखे तेवरों ने समय से पहले ही गर्मी का अहसास करा दिया है।
आलम यह है कि यूपी के कई शहरों में पारा अभी से 30 डिग्री के पार पहुँचने लगा है, जिससे लोग गुलाबी ठंड को भूलकर पंखे चलाने पर मजबूर हो गए हैं।
इन 12 राज्यों में बिगड़ेगा मौसम: बारिश और बर्फबारी की चेतावनी
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ों पर दस्तक दे चुका है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है। पहाड़ों पर हो रही इस हलचल का असर मैदानी इलाकों में भी दिखेगा, जहाँ पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड और मणिपुर में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा दक्षिण में केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश का हाल: लखनऊ से नोएडा तक चढ़ने लगा पारा
यूपी में मौसम का मिजाज बिल्कुल उलट है। यहाँ बारिश की संभावना न के बराबर है और आसमान पूरी तरह साफ रहने वाला है। राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, आगरा, वाराणसी और प्रयागराज में आज तीखी धूप निकलेगी। नोएडा और गाजियाबाद जैसे पश्चिमी यूपी के शहरों में भी दिन का तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं के कारण यूपी में समय से पहले ही 'मार्च' जैसी गर्मी का अहसास हो रहा है। सुबह और रात के समय जो हल्की ठंड बची थी, वह भी अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है।
खेती और सेहत पर असर: मौसम विभाग की विशेष सलाह
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का सीधा असर खेती पर पड़ सकता है। पंजाब और हरियाणा में जहां ओलावृष्टि की संभावना है, वहां गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुँच सकता है। वहीं यूपी में बढ़ते तापमान के कारण फसलों में नमी की कमी हो सकती है, इसलिए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को हल्की सिंचाई की सलाह दी है।
सेहत के लिहाज से भी यह समय चुनौतीपूर्ण है; दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंडक के कारण वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ सकते हैं। डॉक्टरों ने इस बदलते मौसम में ठंडे पानी और सीधे धूप के संपर्क से बचने की सलाह दी है।
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान
अगले दो दिनों तक उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे मैदानी इलाकों की हवाओं में थोड़ी ठंडक लौट सकती है। हालांकि, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए राहत की उम्मीद कम है, क्योंकि यहाँ तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की जाएगी। मार्च के पहले हफ्ते तक पारा 33 डिग्री तक पहुँचने के आसार हैं, जो इस साल समय से पहले भीषण गर्मी की शुरुआत का संकेत दे रहा है।










