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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। संबोधन के विषय पर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन लोकसभा में सीट बढ़ाने वाले बिल के पास न होने के बाद बड़े ऐलान की अटकलें तेज हो गई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। इस खबर के सामने आते ही देशभर में कयासों का दौर शुरू हो गया है। गौरतलब है कि जब भी प्रधानमंत्री ने इस तरह अचानक राष्ट्र के नाम संदेश दिया है, देश ने कोई न कोई बड़ा ऐतिहासिक फैसला या नीतिगत बदलाव देखा है। चाहे वह नोटबंदी का ऐलान हो या अनुच्छेद 370 को लेकर संदेश, 'रात 8 बजे' का समय भारतीय राजनीति में बड़े बदलावों का गवाह रहा है।

​हालांकि सरकार की ओर से संबोधन के विषय को पूरी तरह गुप्त रखा गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में तीन बड़े मुद्दों पर चर्चा गरम है। सबसे पहला और बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण विधेयक का लोकसभा में गिरना हो सकता है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर देश की महिलाओं को सीधा संदेश दे सकते हैं और विपक्ष के रुख पर अपनी बात रख सकते हैं।

दूसरा बड़ा मुद्दा मिडिल-ईस्ट संकट और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति हो सकती है, जिसका सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री Modi के ‘देश के नाम’ प्रमुख संबोधन और बड़े ऐलान (2016–2021)

क्रमांक   संबोधन का विषय  मुख्य ऐलान संदेश
1.  8 नवंबर 2016 नोटबंदी (Demonetisation) ₹500 और ₹1000 के नोट रात 12 बजे से अमान्य। काला धन, नकली नोट और आतंक फंडिंग पर प्रहार।
2.  19 मार्च 2020 जनता कर्फ्यू 22 मार्च 2020 को एक दिन का जनता कर्फ्यू की अपील (कोविड-19 के खिलाफ)।
3.  24 मार्च 2020 राष्ट्रीय लॉकडाउन 25 मार्च से 21 दिन का पूर्ण लॉकडाउन लागू। नारा: “जान है तो जहान है।” 
4.  12 मई 2020 आत्मनिर्भर भारत अभियान ₹20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज (GDP का लगभग 10%), अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का रोडमैप।
5.  8 अगस्त 2019     अनुच्छेद 370 हटाने के बाद संबोधन जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन, अनुच्छेद 370 और 35A हटाने के बाद संदेश: “एक देश, एक संविधान”।
6.  7 जून 2021 कोविड वैक्सीनेशन नीति 21 जून 2021 से 18+ सभी नागरिकों को केंद्र द्वारा मुफ्त वैक्सीन।
7.  19 नवंबर 2021 कृषि कानूनों की वापसी

तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान। “हम किसानों को समझा नहीं पाए।” 

 

संबोधन का एक पहलू अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से भी जुड़ा हो सकता है। सोमवार को इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता से पहले प्रधानमंत्री का यह संदेश वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका और शांति की अपील को लेकर हो सकता है। साथ ही, देश में चल रहे 'विकसित भारत' के संकल्प और आगामी लक्ष्यों को लेकर भी प्रधानमंत्री कोई नया रोडमैप देश के सामने रख सकते हैं।

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