पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग के गंभीर होते हालातों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सहित कई बड़े अधिकारी शामिल हुए।
पीएम मोदी ने मौजूदा वैश्विक स्थिति की विस्तृत समीक्षा की और इस बात पर जोर दिया कि भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य भारतीय नागरिकों को इस अंतरराष्ट्रीय संकट के आर्थिक प्रभावों से पूरी तरह सुरक्षित रखना है।
Chaired a meeting of the Cabinet Committee on Security (CCS). Reviewed the steps being taken by various Ministries and Departments in the wake of the ongoing West Asia conflict and also discussed the next set of initiatives to be taken. Aspects relating to sectors like energy,… pic.twitter.com/vb0UluPbtu
— Narendra Modi (@narendramodi) April 1, 2026
LPG और ईंधन की कीमतों को लेकर सरकार का बड़ा आश्वासन
बैठक के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन की कीमतों पर हुई। Strait of Hormuz के बंद होने से पैदा हुए एलपीजी (LPG) संकट पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि भारत अपनी तेल और गैस आपूर्ति के लिए स्रोतों का विविधीकरण कर रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कीमतें स्थिर रखी गई हैं और आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
इसके साथ ही, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करें ताकि आम आदमी की रसोई पर कोई बोझ न पड़े।
किसानों और खाद आपूर्ति के लिए पुख्ता इंतजाम
युद्ध के कारण उर्वरकों की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए भी प्रधानमंत्री ने विशेष रणनीति तैयार करने को कहा है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि आगामी खरीफ और रबी सीजन के लिए यूरिया, DAP और NPKS खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है ताकि वैश्विक स्तर पर कीमतों में उछाल के बावजूद भारतीय किसानों को उचित दाम पर खाद मिलती रहे। पीएम मोदी ने राज्य सरकारों को भी निर्देश दिया है कि वे खाद की कालाबाजारी और डायवर्जन पर कड़ी नजर रखें ताकि छोटे और सीमांत किसानों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
डिजिटल वॉर और अफवाहों पर लगाम लगाने के निर्देश
बैठक में केवल आर्थिक पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि सूचनाओं के प्रवाह पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता तक सही और प्रामाणिक जानकारी समय पर पहुँचनी चाहिए ताकि युद्ध को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या गलतफहमी न फैले।
इसके अलावा, बिजली क्षेत्र में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और MSME सेक्टर को वैश्विक झटकों से बचाने के लिए भी योजनाएं बनाई गई हैं। सरकार ने संकेत दिए हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को देखते हुए टैक्स में कटौती जैसे कदमों पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रण में रहें।










