सिलचर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के दो दिवसीय दौरे के दौरान राज्य को 47,600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की ऐतिहासिक सौगात दी है। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी भाजपा के लिए इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है।
सिलचर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया, बल्कि विपक्षी दल कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस हार की हताशा में देश को बदनाम करने के मिशन पर जुटी है और अब जनता उन्हें 'हार की सेंचुरी' की ओर ले जा रही है।
शिलांग-सिलचर कॉरिडोर और असम माला 3.0 का तोहफा
प्रधानमंत्री ने सिलचर में विशेष रूप से शिलांग-सिलचर कॉरिडोर की आधारशिला रखी, जो नॉर्थ-ईस्ट का पहला ग्रीनफील्ड 4-लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर होगा। लगभग 24,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के साथ ही 'असम माला 3.0' जैसी सड़क अवसंरचना योजनाओं की भी शुरुआत की गई।
पीएम ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट आज भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का मुख्य केंद्र बन चुका है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के व्यापार और संबंधों को जोड़ने वाला एक सेतु है। बराक वैली के किसानों और चाय बागान श्रमिकों के योगदान को सराहते हुए उन्होंने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को गिनाया।
कांग्रेस पर तंज: '24 हजार करोड़ में कितने जीरो होते हैं, उन्हें नहीं पता'
विकास कार्यों के साथ-साथ पीएम मोदी का राजनीतिक प्रहार भी चर्चा में रहा। उन्होंने कांग्रेस की समझ पर सवाल उठाते हुए तंज कसा कि अगर कांग्रेस नेताओं को कागज-कलम देकर '24 हजार करोड़' लिखने को कहा जाए, तो उन्हें यह भी नहीं पता होगा कि इसमें कितने जीरो होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ कांग्रेस के दिमाग का ताला बंद होता है, वहां से भाजपा का विजन शुरू होता है। प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती गांवों को देश का 'पहला गांव' बताते हुए 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के माध्यम से सीमाई इलाकों के विकास की प्रतिबद्धता दोहराई और कांग्रेस पर फूट डालने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल के लिए 18,680 करोड़ की सौगात और कोलकाता में मेगा रैली
असम के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल के कोलकाता पहुँचेंगे, जहाँ वे 18,680 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का अनावरण करेंगे। इनमें 16,990 करोड़ रुपये की लागत वाली 420 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं, जो एनएच-19 और एनएच-114 के महत्वपूर्ण हिस्सों का विकास करेंगी।
कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसे भाजपा की 'परिवर्तन यात्रा' के समापन और आगामी चुनावों की तैयारी के शंखनाद के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय विकास और भविष्य का रोडमैप
प्रधानमंत्री की इन घोषणाओं का उद्देश्य पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, व्यापार को गति देना और स्थानीय लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। गुवाहाटी में 'पीएम एकता मॉल' और कामाख्या मंदिर के लिए रोपवे जैसी परियोजनाएं पर्यटन को बढ़ावा देंगी।
अप्रैल में होने वाले संभावित विधानसभा चुनावों से पहले, बुनियादी ढांचे, शिक्षा और ऊर्जा ग्रिड को मजबूत करने की ये पहल केंद्र सरकार की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत क्षेत्र के आर्थिक कायाकल्प का एक बड़ा हिस्सा हैं।









