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Padma Awards Ceremony:सोमवार की शाम राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में 132 शख्सियतों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस मौके पर मौजूद रहे।

Padma Awards Ceremony: सोमवार की शाम राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में 132 शख्सियतों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस मौके पर मौजूद रहे। बता दें कि सरकार ने इस साल 25 जनवरी को पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया था। 

इन लोगों को मिला पद्म भूषण सम्मान
पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, समाज सुधारक बिंदेश्वर पाठक और नृत्यांगणा पद्मा सुब्रमण्यम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। जाने माने अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती,  गायिका उषा उथुप और समाजसेवी सीताराम जिंदल सहित सत्रह व्यक्तियों को समाज में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए पद्म भूषण उपाधि से सम्मानित किया गया।

ये हैं पद्मश्री सम्मान पाने वाली हस्तियां
110 व्यक्तियों पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया गया। इनमें शामिल मनोहर कृष्ण डोले, रामचेत चौधरी शामिल रहे। सोमवार की शाम हुए इस समारोह में कुछ लोगों को सम्मान नहीं दिया जा सका। ऐसे लोगों को अगले हफ्ते पद्म पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

पद्म भूषण मिलने पर क्या बोले अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती?
कला के क्षेत्र में पद्म भूषण मिलने पर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। मैंने जीवन में कभी किसी से अपने लिए कुछ नहीं मांगा। जब मुझे फोन आया कि आपको पद्म भूषण दिया जा रहा है, तो मैं एक मिनट के लिए चुप हो गया। मुझे बिल्कुल इस बात की उम्मीद नहीं थी कि मुझे इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा। 

पद्मश्री पुरस्कार मिलने पर नसीम बानो ने खुशी जाहिर की
कला के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार मिलने पर नसीम बानो ने कहा कि, "हम हस्तनिर्मित कढ़ाई का काम करते हैं। मुझे इसके लिए पुरस्कार मिला है। मैं इस पुरस्कार के लिए भारत सरकार की आभारी हूं। मैं पुरस्कार पाकर बेहद खुश हूं। यह मेरा है 10वां पुरस्कार है। मुझे इससे पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

कई गुमनाम शख्सियतों को भी सम्मान
2024 पद्मश्री विजेताओं में कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पहले गुमनान थे, जैसे कि देश की पहली महिला महावत, पार्वती बरुआ और जागेश्वर यादव, दोनों असम से हैं। इस बार पद्यश्री पुरस्कारों का चयन करने के दौरान ऐसे कई गुमनान हस्तियों का चयन किया गया है, जिन्होंने किसी भी क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है। पद्म श्री प्राप्त करने पर आदिवासी हर्बल औषधी विशेषज्ञ यानुंग जामोह लेगो ने कहा कि खुशी है कि मुझे यह पुरस्कार मिला। मैं काफी कड़ी मेहनत करके यहां तक पहुंचा हूं। मैं मोदी सरकार से बेहद खुश हूं। पीएम मोदी की वजह से ही मुझे यह सम्मान मिला और पहचान मिली है। मेरे पास कोई राजनीतिक समर्थन नहीं है, मैंने इसे अपनी कड़ी मेहनत से हासिल किया है। 

पद्मश्री मिलने पर क्या बोले तमिल लेखक आरएन जो डिक्रूज
साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री मिलने पर तमिल लेखक आरएन जो डिक्रूज ने कहा कि मैं देश के तटीय इलाके में रहने वाले  में लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए काम कर रहा हूं। मेरी कोशिश है कि तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में भी राजनीतिक जागरूकता भी आए। इन लोगों को भी अपने काम के लिए पहचान भी मिले। केंद्र सरकार की ओर से यह यह पुरस्कार मिलना वास्तव में मेरे लिए हौंसला बढ़ाने वाला है। 

विदेश में रहने वाले आठ लोगों को भी सम्मान
पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची में चार्मी मुर्मू, सोमन्ना, सर्वेश्वर और संगतम सहित कई प्रतिभाएं शामिल हैं। इस बार पद्म पुरस्कारों प्राप्त करने वालों में 30 महिलाएं शामिल हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके साथ ही, विदेशी/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई श्रेणी के आठ व्यक्तियों को भी पद्म पुरस्कारों से नवाजा गया।

नौ लोगों को दिया गया मरणोपरांत सम्मान
पद्म पुरस्कारों ने नौ व्यक्तियों को मरणोपरांत सम्मानित किया, उनके निधन के बाद भी समाज में उनकी स्थायी विरासत और योगदान को श्रद्धांजलि दी। यह मान्यता उनके अमूल्य योगदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता को दर्शाती है।

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