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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर सियासत तेज हो गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आज बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात का फैसला किया है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर सियासत तेज हो गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आज बुधवार को चुनाव आयुक्त से मुलाकात का फैसला किया है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ रहा है।

टीएमसी के राज्यसभा सांसद Derek O'Brien ने बताया कि उन्होंने आयोग को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था, जिसके बाद आज बैठक तय हुई है। चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओ’ब्रायन, Saket Gokhale, मेणका गुरुस्वामी और सगरिका घोष शामिल हैं।

प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar से मुलाकात कर SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर सवाल उठाएगा। ओ’ब्रायन का कहना है कि वे केवल टीएमसी की ओर से नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज उठाने जा रहे हैं जिनके वोट छीनने की कोशिश की जा रही है।

टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर काम कर रहे कुछ अधिकारी भाजपा के करीब हैं और प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है। वहीं, पार्टी नेता सगरिका घोष ने आयोग के रवैये को दबाव बनाने वाला बताया।

पार्टी के मुताबिक, अब तक करीब 27 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं, जबकि कुल मिलाकर यह संख्या लगभग 91 लाख तक पहुंच गई है। यह राज्य के कुल मतदाताओं का करीब 11.85 प्रतिशत बताया जा रहा है।
 

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