Pradyut Bordoloi joins BJP: असम विधानसभा चुनाव 2026 के आगाज से ठीक 20 दिन पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। कांग्रेस के कद्दावर नेता और नगांव (Nagaon) से मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई (Pradyut Bordoloi) ने बुधवार, 18 मार्च को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया की मौजूदगी में बोरदोलोई ने औपचारिक रूप से भगवा पार्टी की सदस्यता ली।
प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस छोड़ने की वजह बताई
भाजपा में शामिल होने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने अपने इस्तीफे की वजह स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "मेरे लिए टिकट पाना जीवन-मरण का सवाल नहीं था। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण अपना सिर ऊंचा रखकर जीना था। कांग्रेस ने मुझे बहुत कुछ दिया है, लेकिन मैं स्पष्ट कर दूं कि मैं लोकसभा में अपने दूसरे कार्यकाल में हूं और अभी तीन साल बाकी हैं। अगर मैं सिर्फ सांसद बने रहना चाहता, तो अपमान सहकर भी रह सकता था, लेकिन मैंने काम करने और पार्टी छोड़ने का फैसला किया।"
#WATCH | Delhi | Assam MP Pradyut Bordoloi joins the BJP in the presence of Assam CM Himanta Biswa Sarma and Assam BJP President, Dilip Saikia. pic.twitter.com/tRHHqzDSH5
— ANI (@ANI) March 18, 2026
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने किया स्वागत
इस मौके पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, "नगांव के मौजूदा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई भाजपा में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस के साथ उनका इतिहास 1975 से है; उनके आने से भाजपा को और मजबूती मिलेगी। हम सभी उनका स्वागत करते हैं। असम प्रदेश भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से सिफारिश करेगी कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव लड़ाया जाए।"
#WATCH | Delhi | Assam CM Himanta Biswa Sarma says, "...Sitting MP from Nagaon, Pradyut Bordoloi has joined the BJP...His history with the Congress party goes back to 1975; his joining the BJP will strengthen the BJP...We all welcome him to our party...Assam Pradesh BJP will… https://t.co/eaRrXGDUd4 pic.twitter.com/Bkcpz285Uv
— ANI (@ANI) March 18, 2026
मुख्यमंत्री ने आगे तंज कसते हुए कहा कि जिस किसी में भी आत्मसम्मान है, उसके लिए कांग्रेस में रहने का अब कोई कारण नहीं बचा है। हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक कांग्रेस नेताओं को भाजपा में लाना है।
1975 से कांग्रेस के साथ था नाता
प्रद्युत बोरदोलोई का कांग्रेस से इस्तीफा विपक्षी दल के लिए एक गहरी चोट माना जा रहा है। बोरदोलोई 1975 से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे और उनकी गिनती राज्य के सबसे अनुभवी नेताओं में होती थी। मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद बुधवार को उन्होंने भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।








