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Pension Adalat in New Delhi: 22 फरवरी को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में ऐसे 85 पेंशन प्रकरणों का समाधान कराया गया। इस दौरान अहम भी मामले उठे।

Pension Adalat in New Delhi: सीनियर सिटीजन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए मोदी सरकार ने अच्छी शुरूआतत की है। पेंशन अदालत में वर्षों पुराने प्रकरणों का निराकरण कर लंबित पेंशन का भुगतान कराया जा रहा है। 22 फरवरी को दिल्ली में केंद्रीय कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में ऐसे 85 पेंशन प्रकरणों का समाधान कराया गया। इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण मामले उठाए गए, जिनमें 13-13 साल से पूरी पेंशन नहीं मिल पा रही थी। लेकिन CPENGRAMS पर ऑनलाइन शिकायत होते ही न समस्या दूर हो गई। पेश हैं पेंशन अदालत में निराकृत कराए गए कुछ पेंशन विवादों के नमूने। 

पारिवारिक पेंशन के लिए दो साल से थे परेशान 
बसम्मा को आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद सितंबर 2022 से पारिवारिक पेंशन नहीं मिल रही थी। 16 जून, 2023 को CPENGRAMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पेंशन अदालत में मामला उठने के बाद पेंशन शुरू हो गई। बकाया राशि भी जल्द मिल जाएगी। 

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रमेश को 10.37 लाख का लंबित भुगतान 
बीएसएफ के पूर्व HC रमेश के. 31 अगस्त 2022 को सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन उन्हें ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण की राशि नहीं मिली। 3 अगस्त 2023 को CPENGRAMS पर शिकायत दर्ज कराई। पेंशन अदालत में मामला उठा तो बीएसएफ ले ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण के 10.37 लाख रुपए जारी किए। 

8 साल बाद मिली अतिरिक्त पेंशन 
सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त धर्मवीर सिंह को 2015 से परेशान थे। उन्हें 80 वर्ष के बाद मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन नहीं मिल पा रही थी। 16 अगस्त 2023 को सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। मामला पेंशन अदालत में उठने के बाद सीआरपीएफ ने उनकी अतिरिक्त पेंशन जारी कर 1.70 लाख बकाया भुगतान भी कराया। 

वीरता पुरस्कार भत्ता के लिए थे परेशान 
बीएसएफ से बार-बार अनुरोध के बाद भी एचसी साजी जे को जुलाई 2022 से वीरता पुरस्कार भत्ता नहीं मिल रहा था। 19 अगस्त 2023 को उन्होंने पेंशन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पेंशन अदालत में मामला उठने के बाद बीएसएफ ने बताया कि जुलाई 2022 से 2000 रुपए प्रति माह का मासिक वीरता भत्ता और 30,000/- रुपए का बकाया भुगतान किया गया। 

2008 से बकाया दिव्यांग्ता पेंशन मिली 
रक्षा मंत्रालय से 30 मार्च, 2008 को सेवानिवृत्त हुए एमवीवी मुत्याला को 1 अप्रैल 2008 से दिव्यांग्ता ऐलिमेंट और दिव्यांग्ता प्रतिशत के अनुसार पेंशन नहीं मिल रही थी। अप्रैल 2008 से परेशान थे। 9 सितम्बर, 2023 को सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और 1 मार्च को पेंशन अदालत में समस्या दूर कर 1.19 लाख रुपए बकाया जारी जारी कर दी गई। 

रामलाल केशरवानी की 13 साल दूर हुई समस्या 
रामलाल केशवरानी HFO ​​वायु सेना से 28 फरवरी 2011 को सेवानिवृत्त हुए थे। PPO में गलत इंट्री के चलते कम पेंशन मिल रही थी। पीपीओ संशोधित कराने का प्रयास किया, लेकिन समस्या दूर नहीं हो रही थी। पीसीडीए ने संशोधित किया था, लेकिन गलत तारीख के कारण 21 माह बकाया भुगतान नहीं हो पाया। 30 जुलाई 2023 को उन्होंने CPENGRAMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। 1 मार्च को पेंशन अदालत में समस्या का समाधान कर बकाया पेंशन राशि 1.70 लाख का भुगतान कर दिया गया। 

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