नई दिल्ली : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें अगले 24 घंटों के भीतर मौसम के पूरी तरह से बदलने की भविष्यवाणी की गई है।
एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज बारिश के आसार बन रहे हैं।
इस मौसमी हलचल का सीधा असर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों पर पड़ेगा, जहां बारिश के बाद बर्फीली हवाएं एक बार फिर न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराएंगी, जिससे फरवरी के महीने में जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड का अहसास होगा।
पांच राज्यों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने अपनी ताजा बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन राज्यों के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि राजस्थान और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है, जो रबी की फसलों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। यह मौसमी बदलाव अरब सागर से आने वाली नमी और उत्तर की ठंडी हवाओं के मिलन के कारण उत्पन्न हुआ है।
उत्तर भारत के 27 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट
बारिश के साथ-साथ कोहरा भी अपनी पकड़ मजबूत करने वाला है। उत्तर प्रदेश और बिहार के करीब 27 जिलों के लिए मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रहने की आशंका है, जिसका सीधा असर रेल और सड़क यातायात पर पड़ेगा।
दिल्ली आने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें और उड़ानों के समय में बदलाव किया जा सकता है। विशेष रूप से तराई वाले इलाकों में 'डे-कोल्ड' स्थिति बनी रहने का अनुमान है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर और ठंड की वापसी
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे ही बारिश का यह दौर थमेगा, पहाड़ों से आने वाली उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं मैदानी इलाकों में प्रवेश करेंगी। इससे दिल्ली और आसपास के राज्यों में रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
शीतलहर की स्थिति एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है, जिससे लोगों को स्वेटर और जैकेट फिर से निकालने पड़ेंगे। फरवरी के मध्य में ठंड का यह दूसरा स्पेल स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह और एहतियात
आईएमडी ने इस बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुँच सकता है, इसलिए सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव को फिलहाल रोकने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे कोहरे के दौरान सड़क पर वाहन चलाते समय फॉग लाइट का उपयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।











