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जैसलमेर के पोखरण फायरिंग रेंज में ‘अभ्यास ब्रह्मास्त्र’ के दौरान भारतीय सेना ने अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों की ताकत दिखाई। हेलफायर मिसाइल, रॉकेट और गन फायरिंग के जरिए दिन-रात सटीक हमलों का सफल प्रदर्शन किया गया।

भारतीय सेना ने राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज में ‘अभ्यास ब्रह्मास्त्र’ के तहत अपने आधुनिक अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की ताकत और सटीक मारक क्षमता का दमदार प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में हेलीकॉप्टरों ने AGM-114 हेलफायर मिसाइल, रॉकेट और गन फायरिंग के जरिए दुश्मन के लक्ष्यों पर सटीक हमला करने की अपनी क्षमता साबित की।

‘हवा में टैंक’ की ताकत दिखी
अपाचे हेलीकॉप्टर, जिन्हें ‘हवा में टैंक’ कहा जाता है, ने दिन और रात दोनों समय सफल फायरिंग कर अपनी ऑपरेशनल क्षमता को साबित किया। अभ्यास के दौरान पायलटों ने सिम्युलेटर ट्रेनिंग, मिशन प्लानिंग और टारगेट एंगेजमेंट जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का अभ्यास किया।

सेना अधिकारियों ने बताई अहमियत
ब्रिगेडियर पीके सिंह ने कहा कि इस अभ्यास ने हेलीकॉप्टरों की सटीकता और युद्ध क्षमता को साबित किया है। उन्होंने बताया कि आधुनिक युद्ध में अटैक हेलीकॉप्टर तुरंत फायर सपोर्ट देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

कर्नल विक्रांत शर्मा के मुताबिक, अपाचे हेलीकॉप्टर के शामिल होने से सेना की युद्ध प्रभावशीलता काफी मजबूत हुई है। इसके उन्नत सेंसर और सटीक मारक क्षमता जटिल युद्धक्षेत्र में भी प्रभावी ऑपरेशन सुनिश्चित करते हैं।

पायलट और तकनीकी टीम का तालमेल
लेफ्टिनेंट कर्नल क्षितिज गोयल ने बताया कि इस अभ्यास में पायलट और तकनीकी टीम ने मिलकर व्यापक तैयारी की। हेलीकॉप्टरों और हथियार प्रणालियों की बारीकी से जांच और सर्विसिंग की गई, जिससे फायरिंग के दौरान उच्च स्तर की सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।

भविष्य के युद्ध के लिए तैयार सेना
‘अभ्यास ब्रह्मास्त्र’ के जरिए भारतीय सेना ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह आधुनिक और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध के हर चुनौतीपूर्ण माहौल के लिए पूरी तरह तैयार है।

स्रोत: एएनआई सोशल मीडिया

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