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शरारती बच्चों को सफर में काबू करने लिए अपनाएं ये तरीका

कम ही बच्चे होते हैं, जो पैरेंट्स के साथ ट्रैवलिंग के दौरान शांत बैठे रहते हैं। बहुत से बच्चे खूब शरारत करते हैं, रोते-चीखते हैं या कई बार मिसबिहेव भी करते हैं। ऐसे में इरिटेट होने के बजाय उन तरीकों को अपनाएं, जिससे बच्चा शांत रहे।

शरारती बच्चों को सफर में काबू करने लिए अपनाएं ये तरीका
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नीता का छह साल का बेटा बंटी बहुत शरारती है। घर हो या बाहर हर जगह वो शरारत करता रहता है। इतना ही नहीं, दोस्तों-रिलेटिव्स के घर, पब्लिक प्लेस पर और खासतौर पर ट्रैवलिंग के दौरान वह किसी बात को लेकर रोने लगता है या जिद करने लगता है।
बंटी का यह बिहेव नीता को काफी परेशान करता है। बंटी की इन हरकतों के कारण उसको अकसर शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है। जब भी वह बंटी को लेकर बाहर जाती है तो घर से निकलने से पहले अच्छा बिहेव करने को कहती है, उसे खूब समझाती है। कई बार डांटती-डपटती भी है, लेकिन बंटी के बिहेव में ज्यादा फर्क नहीं आता है।
इस तरह की सिचुएशन का सामना कई मांओं को करना पड़ता है। उन्हें समझ में ही नहीं आता है कि बच्चे को कैसे हैंडल किया जाए। इस सिचुएशन में पहले कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत है, उसके बाद ही बच्चे के बिहेवियर में बदलाव लाया जा सकता है।

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1.पता करें कारण

अगर बच्चा पब्लिक प्लेस में शरारत कर रहा है या मिसबिहेव कर रहा है तो पहले उसके ऐसा करने के पीछे का कारण जानने का प्रयास करें। मसलन, अगर आप बस में जा रही हैं और आपका बच्चा जोर-जोर से चिल्ला रहा है या फिर रो रहा है या फिर शरारत कर रहा है तो आप उसे डांटने की बजाय पहले उससे यह पूछें कि वह ऐसा क्यों कर रहा है?
हो सकता है कि आपका सफर लंबा हो और जिसके कारण बच्चे को बोरियत हो रही हो या फिर वह भूखा होने के कारण आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हो। अकसर बच्चे भूखे होने पर या मन न लगने के कारण भी पब्लिक प्लेस में मिस बिहेव करने लगते हैं।

2.इंतजाम करके चलें

जब आपको यह पता लग गया है कि आपके बच्चे की शरारत के पीछे की वजह उसकी बोरियत या उसकी भूख है तो आप उसकी बोरियत दूर करने के लिए, भूख को दूर करने के लिए, इंतजाम कर सकती हैं। मसलन, आप पहले ही घर से कुछ गेम अपने बैग में रख लें, जिसे खेलने में बच्चा बिजी रहे।
अगर आपका सफर लंबा है तो आप उसे फोन में भी लूडो गेम खेलने के लिए दे सकती हैं। आप खुद भी बच्चे के साथ बात कर सकती हैं। इसके अलावा आप बच्चे से कहें कि पहले वह आपको एक कहानी सुनाए, फिर आप उसे एक कहानी सुनाएंगी।
इस तरह आपका सफर कब पूरा हो जाएगा, बच्चे को पता भी नहीं लगेगा। हमेशा बच्चों के साथ बाहर जाते कुछ खाने का सामान अपने बैग में जरूर रखें, समय पर यह आपके काम आएगा।

3.घर से हो शुरुआत

अगर आप चाहती हैं कि आपका बच्चा सबके सामने अच्छा बिहेव करे तो इसके लिए आपको घर से ही शुरुआत करनी होगी। आप बचपन से ही बच्चे को उठने-बैठने का सलीका, टेबल मैनर्स, बातचीत करने का सही ढंग सिखाएं। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि आप इसके लिए सख्त रवैया ही अपनाएं। आप चाहें तो यह सब खेल-खेल में भी बच्चे को बता सकती हैं।

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