Sugar Craving: कभी लंच के तुरंत बाद कुछ मीठा खाने का मन करता है, तो कभी शाम होते-होते चॉकलेट या मिठाई की तलब बढ़ जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा बार-बार हो रहा है, तो समझ लें कि ये सिर्फ आदत नहीं, बल्कि शरीर का एक संकेत हो सकता है। मीठे की क्रेविंग कई बार गलत लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और तनाव का नतीजा होती है।
ज्यादा शुगर लेने से वजन बढ़ने, डायबिटीज और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और नेचुरल तरीकों को अपनाकर मीठे की क्रेविंग को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। आइए जानते हैं वो असरदार उपाय, जो इस परेशानी से राहत दिला सकते हैं।
क्यों होती है मीठे की क्रेविंग?
मीठा खाने की इच्छा अक्सर तब बढ़ती है जब शरीर में एनर्जी लेवल गिरने लगता है। लंबे समय तक भूखे रहना, ज्यादा प्रोसेस्ड फूड खाना या नींद की कमी भी इसका कारण बन सकती है। इसके अलावा स्ट्रेस और इमोशनल ईटिंग भी शुगर क्रेविंग को बढ़ावा देती है।
प्रोटीन और फाइबर को बनाएं डाइट का हिस्सा
अगर आपकी डाइट में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा कम है, तो ब्लड शुगर तेजी से गिरता है और मीठा खाने की तलब बढ़ जाती है। दालें, पनीर, अंडे, नट्स और हरी सब्ज़ियां खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और क्रेविंग कंट्रोल में रहती है।
पर्याप्त पानी पीना है जरूरी
कई बार शरीर प्यास को भी भूख या मीठे की इच्छा के रूप में दिखाता है। दिनभर कम पानी पीने से शुगर क्रेविंग बढ़ सकती है। ऐसे में हर 1-2 घंटे में पानी पीने की आदत डालें। चाहें तो नींबू पानी या गुनगुना पानी भी ले सकते हैं।
नींद पूरी न होने से बढ़ती है समस्या
नींद की कमी हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ देती है, जिससे भूख और मीठे की तलब बढ़ जाती है। रोज़ कम से कम 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी है। सही नींद से मेटाबॉलिज्म भी बेहतर रहता है।
नेचुरल स्वीट विकल्प अपनाएं
अगर मीठा खाने का मन बहुत ज्यादा करे, तो रिफाइंड शुगर की जगह हेल्दी विकल्प चुनें। फल, खजूर, किशमिश या थोड़ा सा गुड़ बेहतर विकल्प हो सकते हैं। ये शरीर को नुकसान पहुंचाए बिना मीठे की इच्छा शांत करते हैं।
तनाव कम करना भी है जरूरी
ज्यादा तनाव में रहने से लोग अनजाने में मीठा खाने लगते हैं। योग, मेडिटेशन, वॉक या पसंदीदा एक्टिविटी अपनाकर स्ट्रेस कम किया जा सकता है। इससे इमोशनल ईटिंग भी कंट्रोल में रहती है।
धीरे-धीरे आदत बदलें
मीठे को एकदम छोड़ना मुश्किल हो सकता है, इसलिए धीरे-धीरे इसकी मात्रा कम करें। खुद को हेल्दी स्नैक्स की आदत डालें और समय के साथ क्रेविंग अपने आप कम हो जाएगी।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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