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एसीबी टीम ने केमिकल लगे नोटों के जरिए रिश्वत की पुष्टि की। खरखौदा ब्लॉक ऑफिस में हुई इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही कि क्या इस सिंडिकेट में अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।

हरियाणा के सोनीपत जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। खरखौदा क्षेत्र में कार्यरत एक महिला पटवारी को जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज आगे बढ़ाने के नाम पर 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। हैरानी की बात यह है कि पटवारी ने सीधे तौर पर पैसे न लेकर एक चाय वाले को बिचौलिया बनाया था, लेकिन ब्यूरो की सतर्कता के कारण दोनों ही कानून के शिकंजे में आ गए।

25 साल पुराने कब्जे को मालिकाना हक दिलाने का था मामला
पूरी घटना सोनीपत के सिसाना गांव से जुड़ी है। शिकायतकर्ता अनिल के अनुसार उनके परिवार का करीब 450 गज के एक पंचायती भूखंड पर पिछले 25 वर्षों से कब्जा है। हरियाणा सरकार की नई नीति के मुताबिक जो व्यक्ति 20 साल से अधिक समय से किसी जमीन पर काबिज है, वह निर्धारित सरकारी शुल्क जमा कर उसका मालिकाना हक (रजिस्ट्री) प्राप्त कर सकता है। अनिल इसी योजना के तहत अपने प्लॉट की रजिस्ट्री करवाना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने फाइल तैयार कर पटवारी सुदेश को सौंपी थी।

पटवारी की खुली मांग
पीड़ित अनिल का आरोप है कि महिला पटवारी सुदेश ने उनकी फाइल को मंजूरी देने के बदले 25,000 रुपये की अवैध मांग रखी थी। पटवारी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि विभाग में बिना "सुविधा शुल्क" के कोई काम आगे नहीं बढ़ता। काफी मिन्नतें करने के बाद सौदा 20,000 रुपये में तय हुआ। रिश्वत की रकम न मिलने के कारण पटवारी ने जानबूझकर फाइल को पिछले कई महीनों से अटका रखा था और साफ कर दिया था कि पैसे मिलने पर ही काम पूरा होगा।

ACB का जाल और चाय वाले की मध्यस्थता
भ्रष्टाचार से तंग आकर अनिल ने रोहतक और सोनीपत की एंटी करप्शन ब्यूरो टीम से संपर्क किया। ब्यूरो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जाल बिछाया। पटवारी ने चालाकी दिखाते हुए अनिल को रिश्वत की रकम गांव के ही एक चाय बेचने वाले, कृष्ण चंद को देने को कहा। योजना के अनुसार जैसे ही कृष्ण चंद ने अनिल से 20,000 रुपये लिए और वह राशि पटवारी सुदेश तक पहुंचाई, पहले से तैयार बैठी एसीबी की टीम ने दबिश दे दी।

कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मचा
एसीबी इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने मौके से पटवारी सुदेश और बिचौलिए कृष्ण चंद दोनों को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने केमिकल लगे नोटों के जरिए रिश्वत की पुष्टि की। खरखौदा ब्लॉक ऑफिस में हुई इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या इस सिंडिकेट में अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।

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