Anger Management: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, काम का दबाव और रिश्तों की उलझनें अक्सर गुस्से को जन्म देती हैं। कई लोग छोटी-छोटी बातों पर भड़क उठते हैं और बाद में पछताते हैं। बार-बार गुस्सा आना सिर्फ रिश्तों को ही नहीं, बल्कि सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
अगर आप भी बेवजह चिड़चिड़े रहते हैं या गुस्से पर कंट्रोल नहीं कर पाते, तो अब वक्त है खुद को समझने का। सही एंगर मैनेजमेंट तकनीक अपनाकर न सिर्फ आप मानसिक शांति पा सकते हैं, बल्कि अपने रिश्तों और करियर को भी बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं गुस्से को नियंत्रित करने के 5 असरदार तरीके।
इन तरीकों से करें एंगर मैनेजमेंट
गहरी सांस लेने की आदत डालें
जब भी गुस्सा आए, तुरंत रिएक्ट करने की बजाय 5-10 गहरी सांस लें। धीरे-धीरे सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें। यह तकनीक दिमाग को शांत करती है और शरीर में बढ़े हुए तनाव को कम करती है। कुछ मिनट का यह अभ्यास आपको बड़ी गलती करने से बचा सकता है।
ट्रिगर को पहचानें
हर व्यक्ति के गुस्से के पीछे कोई न कोई कारण या ट्रिगर होता है। कोशिश करें कि आप समझें कि किस बात पर आपको ज्यादा गुस्सा आता है—काम का दबाव, किसी का व्यवहार या निजी असुरक्षा। जब ट्रिगर स्पष्ट होगा, तो उसे संभालना आसान होगा।
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प्रतिक्रिया देने से पहले सोचें
गुस्से में कही गई बातें अक्सर रिश्तों में दरार डाल देती हैं। इसलिए जवाब देने से पहले खुद से पूछें 'क्या यह जरूरी है?' और 'क्या इससे समस्या सुलझेगी?' थोड़ी देर का विराम आपको सही शब्द चुनने में मदद करेगा।
मेडिटेशन और एक्सरसाइज अपनाएं
नियमित योग, ध्यान और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज तनाव हार्मोन को कम करती है। रोजाना 20-30 मिनट की वॉक या मेडिटेशन करने से दिमाग शांत रहता है और गुस्सा कम आता है। यह मानसिक संतुलन बनाए रखने का प्राकृतिक तरीका है।
अपनी भावनाएं साझा करें
गुस्सा दबाने से समस्या और बढ़ सकती है। किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य से अपनी बात शेयर करें। जरूरत पड़े तो काउंसलर की मदद लें। अपनी भावनाओं को सही तरीके से व्यक्त करना भी एंगर मैनेजमेंट का अहम हिस्सा है।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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(लेखक:कीर्ति)









